कोरोना से निपटने में असफल रही मोदी सरकार, विचारहीनता की भारी कीमत चुका रहा देश- कांग्रेस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि कोरोना के संघर्ष में सरकार की गलतियां और उसके कुप्रबंधन के कारण देश महामारी की गंभीर की चपेट में है और दुनिया में कोरोना की दूसरी लहर से पीड़ित सबसे बड़े मुल्क होने का दंश झेलने को मजबूर है। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी …

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि कोरोना के संघर्ष में सरकार की गलतियां और उसके कुप्रबंधन के कारण देश महामारी की गंभीर की चपेट में है और दुनिया में कोरोना की दूसरी लहर से पीड़ित सबसे बड़े मुल्क होने का दंश झेलने को मजबूर है। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम तथा अजय माकन ने शनिवार को यहां पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश के समक्ष मौजूद सबसे गंभीर आपदा से निपटने में असफल रही है। उसकी विचारहीनता और बिना तैयारी की वजह से देश बहुत भारी कीमत चुका रहा है और अभी तक 1,75,673 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माण क्षमता वाले देश को ही आज विश्व में सबसे अधिक कोरोना प्रभावित देशों में से एक होने का अपमान झेलना पड़ रहा है। उनका कहना था कि कोरोना की लड़ाई में सरकार की गंभीर गलतियों और कुप्रबंधन के कारण यह विकट स्थिति पैदा हुई है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार इस संबंध में पर्याप्त जन जागरूकता पैदा करने में असफल रही कि महामारी का घटता हुआ प्रकोप महामारी की दूसरी लहर का सूचक हो सकता है, जो कि पहली लहर की तुलना में अधिक विनाशकारी हो सकता है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त धन और अन्य रियायतें प्रदान करके भारत दो स्वीकृत टीकों के उत्पादन और आपूर्ति में तेजी से वृद्धि करने तथा देश में अन्य फार्मा विनिर्माण सुविधाओं में दो स्वीकृत टीकों के अनिवार्य लाइसेंसिंग और उत्पादन का विकल्प अपनाने में विफल रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और फ्रंट लाइन श्रमिकों के टीकाकरण के बाद सार्वभौमिक टीकाकरण लागू करने और टीकाकरण कार्यक्रम पर पूर्व पंजीकरण तथा नौकरशाही नियंत्रण से छुटकारा दिलाने में सरकार विफल रही। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का क्रियान्वयन राज्य सरकारों और सरकारी तथा निजी अस्पतालों को नहीं सौंपा गया। इसके साथ ही सरकार संक्रमित व्यक्तियों और उनके संपर्कों के टैस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के परिमाण और गति को बनाए रखने में विफल रही है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आत्मनिर्भरता के अव्यावहारिक जोश के कारण अन्य ऐसे टीकों के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी नहीं दी गयी जिन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और जापान में मंजूरी मिल गई थी। उन्होंने कहा कि टीकों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए अन्य देशों में निर्मित अन्य अनुमोदित टीकों के आयात की अनुमति मिलने तथा विभिन्न राज्यों को वैक्सीन खुराक की आवश्कता अनुसार उचित और न्यायसंगत आवंटन होना चाहिए।

संबंधित समाचार