लखनऊ पहुंचे हजारों यात्री, सोशल डिस्टेंसिंग हुई तार तार, कुछ यात्रियों की ही हुई कोरोना जांच

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। मुंबई से लखनऊ आने वाले प्रवासी मजदूरों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है l आलम यह है कि रविवार को लखनऊ पहुंची पुष्पक ट्रेन में सीटिंग क्षमता से डेढ़ गुना अधिक यात्री उतरे। इनमें वेटिंग टिकट और बिना टिकट दोनों तरह के श्रमिक शामिल रहे। सुबह नौ बजे के करीब लखनऊ …

लखनऊ। मुंबई से लखनऊ आने वाले प्रवासी मजदूरों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है l आलम यह है कि रविवार को लखनऊ पहुंची पुष्पक ट्रेन में सीटिंग क्षमता से डेढ़ गुना अधिक यात्री उतरे। इनमें वेटिंग टिकट और बिना टिकट दोनों तरह के श्रमिक शामिल रहे। सुबह नौ बजे के करीब लखनऊ जंक्शन पर ट्रेन पहुंची तो यात्रियों का हुजूम स्टेशन पर उमड़ पड़ा।

स्टेशन पर उतरे यात्रियों को संभालने में रेल कर्मियों के पसीने छूट गए। इस दौरान चंद यात्रियों की ही कोरोना जांच हो सकी। ट्रेन से उतरने के बाद उन्हीं यात्रियों ने कोरोना जांच कराई जिसकी तबीयत थोड़ा खराब रही। हलांकि ये यात्री एंटीजन जांच में निगेटिव पाए गए। इन यात्रियों को 43 बसों से 13 विभिन्न जनपदों में भेजा गया।

टूटा कोविड प्रोटोकॉल, नहीं हुई जांचें
रविवार सुबह नौ बजे पुष्पक ट्रेन प्लेटफार्म नंबर छह पर पहुंची। यात्रियों की भीड़ इस कदर थी कि इनके आगे सारे रेलवे और सुरक्षा के बंदोबस्त फेल हो गए। कोविड प्रोटोकॉल टूट गया। ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ और ना ही सभी यात्रियों की कोरोना की जांच हो सकी। भीड़ को संभालने में जीआरपी और आरपीएफ के पसीने छूट गए।

सीतापुर बहराइच गोंडा गोंडा के सबसे अधिक श्रमिक
मुंबई से लखनऊ आए सबसे ज्यादा श्रमिक गोंडा, बहराइच और सीतापुर के थे। चारबाग डिपो के एआरएम अमरनाथ सहाय ने बताया कि इन तीन शहरों के लिए करीब 20 बसें भेजी गई। बाकी बसें पूर्वांचल के जनपदों में बस्ती, गोरखपुर, खलीलाबाद, कुशीनगर, देवरिया के अलावा रायबरेली, डुमरियागंज भेजी गई।

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