कोरोना से करना है बचाव तो इन बातों का रखें विशेष ख्याल
बरेली, अमृत विचार। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार को रिकार्ड 838 संक्रमित मरीजों की संख्या ने सभी को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार को रिकार्ड 838 संक्रमित मरीजों की संख्या ने सभी को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह की बात करें तो जिले में संक्रमित मरीजों की मौत की संख्या 30 को पार कर चुकी है। सरकार टीकाकरण अभियान पर पूरा जोर लगाए हुए है लेकिन अभी तक सभी लोगों को टीका नहीं लग पाया है।
इस वायरस से कैसे अपना बचाव कर सकें शहरवासी इसी उधेड़बुन में है। चिकित्सकों और शासन की ओर से कोविड-19 के नियमों भी लोग अब पालन करने लगे हैं। चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने सामाजिक दूरी, मास्क व सैनेटाइजर, विटामिन सी, गर्म पानी, धूप का सेवन, भाप और व्यायाम जैसे 7 मंत्र सुझाए हैं। जिससे इस वायरस से आप ने केवल खुद बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकेंगे
इनका कहना है
जब संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक से बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। इनमें वायरस होते हैं, जो किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। तमाम अध्ययन के मुताबिक सामाजिक दूरी अपनाने वाले लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे को काफी कम किया है। जबकि ऐसा न करने से लोग संक्रमित हुए हैं। यदि हम एक-दूसरे के करीब न जाएं या शारीरिक संपर्क तोड़ दें तो कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। इसी वजह से कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की सहूलियत अपने कर्मचारियों को दी है। -डा.एसके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क सबसे महत्वपूर्ण है। हवा के माध्यम से संक्रमण फैलता है। नाक व मुंह के जरिये वायरस फेफड़ों में प्रवेश करता है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सही तरीके से मास्क लगाना जरूरी है। साधारण कपड़े या एन-95 में से कोई भी मास्क लगा सकते हैं। सबसे जरूरी नाक एवं मुंह का ढका रहना है। जरूरी न हो तो घर से बाहर नहीं निकले। गीले मास्क का इस्तेमाल न करें। उस पर वायरस के ठहरने का खतरा रहता है। साबुन से हाथ धोकर मास्क उतारें और बाल्टी में डाल दें। -डा.अजय भारती, हृदयरोग विशेषज्ञ
सूर्य की रोशनी में चमत्कारी गुण होते हैं। धूप विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है। इसकी वजह से शरीर पर संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। धूप के सेवन से शरीर में डब्लूबीसी का पर्याप्त मात्रा में निर्माण होता है, जो रोग पैदा करने वाले कारकों से लड़ने का काम करता है। कोरोना वायरस की सक्रियता कम होती है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सामान्य धूप में बैठें। बीच-बीच में पानी पीते रहें। पौष्टिक आहार ग्रहण करें और फलों का सेवन करें। तरल पदार्थ अधिक लें। ठंडे पानी पीने से परहेज करें। -डा.राजीव गोयल, आईएमए उपाध्यक्ष
विटामिन सी का पर्याप्त मात्रा में सेवन हर आदमी को करना चाहिए। यह कोरोना एवं फेफड़ों से संबंधित मरीजों को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। फेफड़ों से संबंधित मरीजों के लिए यह बेहद जरूरी होता है। इसीलिए कोरोना से संक्रमित मरीजों को विटामिन सी दिया जाता है। यह फेफड़ों में जमे कफ को ढीला करता है। यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है। हर आदमी को दैनिक जीवन में नींबू का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। कोरोना से संक्रमित मरीजों को लेमन टी, दूध, ताजा फल, सब्जी और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।- डा.मनोज अग्रवाल, आईएमए अध्यक्ष
गरम पानी का सेवन करने से गले से संबंधित संक्रमण दूर होता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में यह मददगार होता है। गरम पानी एवं भाप लिक्विफिकेशन का कार्य करता है और संक्रमण को फेफड़े तक जाने से रोकता है। अभी जो केस आ रहे हैं, उसमें फेफड़े ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में लोगों को ठंडे पानी का सेवन करने से बचना चाहिए, जितना हो सके गरम पानी पीना चाहिए। यही सलाह दूसरे लोगों को भी देनी चाहिए। -डा.हिमांशु अग्रवाल, वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन
दिन में तीन बार भाप लेना कोरोना से बचाव का सबसे सस्ता एवं सुलभ उपचार है। इससे कोई नुकसान नहीं है। फायदा बहुत है। कोविड-19 में भाप के इस्तेमाल पर एक अध्ययन हुआ है। अध्ययन में पाया गया है कि यह स्पाइक प्रोटीन को डैमेज करता है। इसकी वजह से वायरस सेल में नहीं घुस पाता है। इसकी वजह से वायरस शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित नहीं कर पाता है। भाप लेने से निमोनिया की घटना कम पाई गई है। मौत की दर भी कम है। कोरोना से बचाव का यह सबसे बेहतर तरीका है। बीमार लोग जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। -डा.रवि खन्ना बाल रोग विशेषज्ञ
व्यायाम के कुछ समय बाद सेल तेजी से बढ़ती हैं। इसकी वजह से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। सबसे बेहतरीन व्यायाम टहलना है। इससे सांस लेने की क्षमता में तेजी से वृद्धि होती है। डब्लूएचओ का कहना है कि महामारी काल में खुले आसमान के नीचे या सुनसान सड़क पर व्यायाम करें। व्यायाम या वॉक के समय मास्क का इस्तेमाल नहीं करें। सही तरीके से किया जाए तो कोरोना काल में इंजेक्शन से ज्यादा काम व्यायाम करेगा। इस बीमारी से एथलीट में कैजुअल्टी न के बराबर है। योग, प्राणायाम आदि से भी बीमारियों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है। -डा.वीपी सिंह, आयुर्वेदाचार्य
