हल्द्वानी: कोरोना काल के असली योद्धा हैं एसटीएच के डॉ. अरुण जोशी

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प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। आपात स्थिति हो या दिक्कतों का अंबार, किसी भी परिस्थिती में अपने उद्देश्य की राह पर अडिग रहना ही विद्वता और धैर्य की पहचान होती है। समुचे कुमाऊं क्षेत्र में ऐसी ही पहचान रखने वाले डॉ.सुशीला तिवारी अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. अरुण जोशी है,  जो अपनी सादगी और पेशे के प्रति …

प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। आपात स्थिति हो या दिक्कतों का अंबार, किसी भी परिस्थिती में अपने उद्देश्य की राह पर अडिग रहना ही विद्वता और धैर्य की पहचान होती है। समुचे कुमाऊं क्षेत्र में ऐसी ही पहचान रखने वाले डॉ.सुशीला तिवारी अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. अरुण जोशी है,  जो अपनी सादगी और पेशे के प्रति समर्पित रहने की वजह से लोगों के लिए प्रेरणा को स्त्रोत बने रहते है।

अपने उद्देश्य के मुताबिक यह मेरठ मेडिकल कॉलेज से एबीबीएस की शिक्षा पाने के बाद से ही लोगों की सेवा में दिनरात तंमयता के साथ लगे रहते है। इस बार कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल के 7 सौ से ज्यादा उपनल कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार के बावजूद अस्पताल की अति आवश्यक सेवाओं को अपने टीम लीड की बदौलत बिना किसी बाधा के संभाला।

पिता की सीख से मिली सेवा और समर्पण की सेवा

यूपी में वन विभाग में उच्च पद पर कार्यरत रहे पिता से मिली सीख के कारण ही उनमें मरीजों के प्रति सेवा और समर्पण की भावना प्रबल रहती है। डॉ. जोशी कहते है कि बगैर इस भावना के मरीजों का उपचार करना असंभव है, प्रत्येक मरीज की परेशानियों को वह खुद की परेशानी मान कर ही लोगों का उपचार करते है।

कोरोना काल में बने असली योद्धा

पिछले वर्ष शुरु हुए कोविड19 महामारी के दौरान सैकड़ों संक्रमित लोगों का उपचार कर स्वस्थ्य किया। अब दोबारा से चल रहे कोराना की लहर में वह दिन रात मरीजों के उपचार में लगे रहते है। उनके इस कार्यशैली की वजह से डिपार्टमेंट के अलावा समाज में भी अपनी अलग पहचान रखते हैं।

लोगों में बनाई खास पहचान

शुरु से ही डॉ. जोशी अस्पताल में पद की जिम्मेदारी को बखूबी संभाल रहे हैं और बेहतर परिणाम आते रहे है। कोरोना काल में उनके काम करने का अंदाज और टीम वर्क करने का अंदाज तारिफ के काबिल है। उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हुं। डॉ. सीपी भैंसोड़ा, प्राचाय, राजकीय मेडिकल कॉलेज

डॉ. जोशी चिकित्सा के क्षेत्र में आने वाली युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं। बल्कि वर्तमान में काम कर रहे लोगों के लिए भी प्रेरणादायी हैं। इनके स्वस्थ्य जीवन के लिए सदा ईश्वर से प्रार्थना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर स्वस्थ्य करते रहें।डॉ. उषा जगपांगी, सीएमएस, महिला अस्पताल

 

 

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