बरेली: पीलीभीत में ऑक्सीजन निल, शाहजहांपुर में संकट गहराया

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बरेली मंडल में कोविड संक्रमण से मृत्युदर बढ़ रही है। इससे संक्रमित लोगों की जान को भविष्य में और खतरा बढ़ता जा रहा है। खौफनाक मंजर के बीच ऑक्सीजन की मंडल में खपत भी बढ़ गई है। गुरुवार की स्थिति पर गौर करें तो पीलीभीत जनपद में ऑक्सीजन निल हो गई है। …

बरेली, अमृत विचार। बरेली मंडल में कोविड संक्रमण से मृत्युदर बढ़ रही है। इससे संक्रमित लोगों की जान को भविष्य में और खतरा बढ़ता जा रहा है। खौफनाक मंजर के बीच ऑक्सीजन की मंडल में खपत भी बढ़ गई है। गुरुवार की स्थिति पर गौर करें तो पीलीभीत जनपद में ऑक्सीजन निल हो गई है। यहां संक्रमितों की जिंदगी के लिए सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहां चार टन की जरूरत है, लेकिन एक भी टन ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है। देर रात तक एक या दो टन ऑक्सीजन भेजने की बात कही गई है।

शाहजहांपुर जनपद में भी ऑक्सीजन की कमी के चलते खतरा बढ़ गया है। यहां दो टन उपलब्ध है, लेकिन प्रतिदिन खपत तीन टन हो रही है। जबकि बदायूं में ऑक्सीजन की स्थिति ठीक है। यहां एक टन उपलब्ध होने पर .5 टन खपत है। बरेली के हालात प्रतिदिन बिगड़ रहे हैं।

मंडलभर के संक्रमितों के अलावा रामपुर, उत्तराखंड समेत अन्य शहरों से भी क्रिटिकल मरीज बरेली के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इसलिए ऑक्सीजन की खपत तेजी से बढ़ी है। यहां प्रतिदिन 30 टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है। जबकि उपलब्धता 24 टन है। बरेली को प्रतिदिन 35 टन ऑक्सीजन की जरूरत बताई जा रही है। गुरुवार को सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार के कार्यालय से चारों जिलों के लिए 47 टन ऑक्सीजन की मांग भेजी गई है।

औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई बंद
बरेली के फरीदपुर में दो और परसाखेड़ा में ऑक्सीजन का एक प्लांट है। बीएन इंडस्ट्रीज से 14 टन, एसपी इंडस्ट्रीज से 10 और प्राणवायु से दो टन ऑक्सीजन की सप्लाई प्रतिदिन अस्पतालों के लिए की जा रही है। अस्पताल संचालक सीधे निर्माता को मांग भेज रहे हैं। प्रशासन ऑक्सीजन की सप्लाई चेन को बरकरार रखने के लिए जीजान कोशिश में लगा है।

अस्पतालों को ऑक्सीजन कम न पड़े, इसलिए औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन बंद कर दी है। तीनों प्लॉट संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक सिलेंडर ऑक्सीजन सप्लाई नहीं होगी। प्लॉटों में भी ऑक्सीजन की निगरानी की जा रही है।

इस तरह से ऑक्सीजन की हो रही सप्लाई
सभी जिलों में ऑक्सीजन की सप्लाई अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की देखरेख में हो रही है। उन्होंने आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन को नोडल अधिकारी बनाया है। अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर नोडल अधिकारी संबंधित जिले में ऑक्सीजन की सप्लाई भेज रहे हैं। बरेली से भी मांग नोडल अधिकारी को भेजी जा रही है।

गुरुवार सुबह बरेली पहुंची 24 टन ऑक्सीजन
ऑक्सीजन सप्लाई की चेन न टूटे, इसलिए प्रतिदिन ऑक्सीजन मंगाई जा रही है। गुरुवार सुबह बोकारो (चेन्नई) से 24 टन ऑक्सीजन बरेली पहुंची। इसके अलावा काशीपुर से भी ऑक्सीजन मंगाई जा रही है। ऑक्सीजन पहले प्लांटों तक पहुंच रही है। इसके बाद प्लांट ऑक्सीजन को तैयार कर सप्लाई करते हैं।

आईसीयू बेड तैयार करने को डाल रहे ऑक्सीजन की पाइप लाइन
मंडल के सबसे बड़े कोविड 300 बेड अस्पताल में ज्यादा से ज्यादा आईसीयू बेड तैयार कराने के लिए अब ऑक्सीजन की पाइप लाइन डाली जा रही है। इस अस्पताल में ठेकेदार ने पहले आक्सीजन पाइप लाइन नहीं डाली। उसमें खेल हुआ था। कोविड संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसलिए दो दिन से पाइप लाइन डाली जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुधीर कुमार गर्ग ने बताया कि आईसीयू में ऑक्सीजन चेन सप्लाई बाधित न हो, इसलिए पाइप लाइन डाली जा रही है।

ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन व फेबिफ्लू की निगरानी करेंगी टीमें
कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ फेबिफ्लू की खपत भी तेजी से बढ़ी है। इस बीच कालाबाजारी की शिकायतें भी मिली हैं। शासन तक शिकायतें पहुंचने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की तीन टीमें कोविड अस्पतालों में निगरानी करने के लिए तैनात की गई हैं। ये टीमें अस्पतालों का प्रतिदिन निरीक्षण कर ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और फेबिफ्लू दवा की खपत, सप्लाई और स्टॉक को चेक करेंगी।

इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। ये रिपोर्ट प्रतिदिन शासन को भेजी जाएगी। ताकि ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन की बरेली में होने वाली कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके। शासन के निर्देश पर सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार ने पूरे स्टाफ को निगरानी तंत्र में लगा दिया है।

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