लखनऊ: 1687 यात्रियों को बिना कोविड-19 जांच कराए रोडवेज बसों से भेजा घर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल रेल प्रशासन की ओर से प्रवासी श्रमिकों के प्रति लापरवाही होने लगी हैl मुंबई से आने वाले श्रमिकों चारबाग रेलवे स्टेशन से सीधे गृह जनपदों के लिए बगैर जांच रवाना किया गया। शुक्रवार को पुष्पक ट्रेन से लखनऊ पहुंचे श्रमिकों में से 1687 लोगों को 35 बसों से …

लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल रेल प्रशासन की ओर से प्रवासी श्रमिकों के प्रति लापरवाही होने लगी हैl मुंबई से आने वाले श्रमिकों चारबाग रेलवे स्टेशन से सीधे गृह जनपदों के लिए बगैर जांच रवाना किया गया। शुक्रवार को पुष्पक ट्रेन से लखनऊ पहुंचे श्रमिकों में से 1687 लोगों को 35 बसों से रवाना किया गया। इनमें गोंडा, बलरामपुर और बहराइच के सबसे ज्यादा यात्री रहे। बाकी यात्रियों को पूर्वोंचल के विभिन्न जनपदों के लिए रवाना किया गया।

चारबाग बस डिपो के एआरएम काशी प्रसाद ने बताया कि मुंबई से लगातार श्रमिकों की भीड़ आ रही है। इन्हें मौके पर ही बसें उपलब्ध कराकर भेजा जा रहा है। ताकि श्रमिकों की भीड़ रेलवे स्टेशन और बस अड्डे न जुटने पाए। वहीं मुंबई से लखनऊ पहुंचे कुछ ही यात्रियों की मौके पर जांच हुई। जिसमें 30 लोग कोरोना से संक्रमित मिले।

गैर राज्यों से लखनऊ पहुंचे 8000 लोग
शुक्रवार को गैर राज्यों से आने वाली बसों से करीब आठ हजार लोग लखनऊ पहुंचे। इनमें दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड की बसों से आए। इनमें सबसे ज्यादा कैसरबाग और आलमबाग बस अड्डे से श्रमिकों को रवाना किया गया। शुक्रवार रात आठ बजे तक ढाई सौ बसों से इन श्रमिकों को रवाना किया गया।

धक्का मुक्की करके बसों से रवाना हुए लोग
कैसरबाग बस अड्डे पर धक्का मुक्की करके लोग बसों के सीटों पर कब्जा करते नजर आए। ये श्रमिक मुंबई से शुक्रवार दोपहर ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर उतरे। बस पकड़ने जब कैसरबाग बस अड्डे पहुंचे तो बसें थी ही नहीं। बस जैसे ही प्लेटफार्म पर पहुंची, यह देख सभी लोग दौड़ पड़े। वह चाहे महिला यात्री हो या पुरूष। हर कोई बस के इंतजार में परेशान रहा।

संबंधित समाचार