बरेली में भी गहराया ऑक्सीजन का संकट!, सप्लाई पहुंचने का इंतजार
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर बरेली अति संवेदनशील हो गई है। जनपद में 6500 से अधिक संक्रमितों में सैकड़ों मरीजों की हालत गंभीर बनी है। जान बचाने के लिए उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दी जा रही है। बरेली के कोविड अस्पतालों में बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, लखीमपुरी खीरी के अलावा उत्तराखंड के रुद्रपुर, सितारगंज …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर बरेली अति संवेदनशील हो गई है। जनपद में 6500 से अधिक संक्रमितों में सैकड़ों मरीजों की हालत गंभीर बनी है। जान बचाने के लिए उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दी जा रही है। बरेली के कोविड अस्पतालों में बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, लखीमपुरी खीरी के अलावा उत्तराखंड के रुद्रपुर, सितारगंज समेत अन्य क्षेत्रों के भी गंभीर कोविड मरीज पहुंच रहे हैं। इससे ऑक्सीजन की खपत एकाएक बढ़ गई है।
शुक्रवार को कोविड अस्पतालों में 16 टन ऑक्सीजन की खपत हुई। जबकि उपलब्ध 24 टन थी। अब सिर्फ आठ टन ऑक्सीजन बची है। इसमें एक-एक टन ऑक्सीजन बदायूं और शाहजहांपुर को दी गई है। पीलीभीत में ऑक्सीजन निल है। इसलिए पीलीभीत सर्वाधिक संकट की स्थिति में खड़ा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने 42 टन ऑक्सीजन की मांग भेजी है। यदि शनिवार सुबह तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिली तो बरेली में हालत बिगड़ जाएंगे, इसका असर कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों पर पड़ेगा। हालांकि, ऑक्सीजन की सप्लाई चेन न टूटे, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी नितीश कुमार से लेकर जनप्रतिनिधि भी ऑक्सीजन की सप्लाई चालू रखने के लिए प्रयासरत हैं।
सहायक आयुक्त औषधि कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बरेली में छह टन, बदायूं और शाहजहांपुर में एक एक टन ऑक्सीजन बची है लेकिन इसमें काफी ऑक्सीजन की खपत रातभर में भी होगी। बताते हैं कि शुक्रवार को ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं पहुंची, इसलिए सिर्फ आठ टन ऑक्सीजन बची है। इसको लेकर अधिकारी चिंतित भी हैं।
सहायक आयुक्त औषधि और ड्रग इंस्पेक्टर संक्रमित
बरेली में ऑक्सीजन सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार भी शासन के संपर्क में रहते हैं। इन्हीं के कार्यालय से ऑक्सीजन की मांग भेजी जाती है लेकिन गुरुवार को सहायक आयुक्त औषधि भी संक्रमित निकल आए। उनके साथ ड्रग इंस्पेक्टर विवेक कुमार भी पॉजिटिव आए हैं। यह बात सहायक आयुक्त औषधि कार्यालय के अन्य कर्मचारियों को मालूम हुई तो उनमें खलबली मच गई। कमिश्नरी स्थित कार्यालय को सैनेटाइज भी नहीं कराया गया। कर्मचारियों ने अपना बचाव रखने के लिए खुद ही सैनेटाइज कर लिया।
