मुरादाबाद : दो अधिवक्ताओं सहित 16 ने तोड़ा दम, सीडीओ सहित 476 मिले नए संक्रमित
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। शनिवार को इस वायरस के कारण मौत के आंकड़े भी रिकार्ड साबित हो रहे हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि एक दिन में 16 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। इनमें दो अधिवक्ता भी शामिल हैं। इस दिन सीडीओ आनंद वर्धन सहित 476 लोगों …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। शनिवार को इस वायरस के कारण मौत के आंकड़े भी रिकार्ड साबित हो रहे हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि एक दिन में 16 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। इनमें दो अधिवक्ता भी शामिल हैं। इस दिन सीडीओ आनंद वर्धन सहित 476 लोगों की रिपोर्ट में इस वायरस की पुष्टि हुई है।
जानकारी के अनुसार द बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे रामवीर सिंह त्यागी का संक्रमित होने के बाद निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। सांस की तकलीफ के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं एक और अधिवक्ता की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं कटघर की 30 व 55 वर्षीय दो महिला व अधेड़, सिविल लाइंस में तीन युवक, रामगंगा विहार फेज टू के बुजुर्ग, टीएमयू कैंपस निवासी बुजुर्ग, मझोला निवासी अधेड़, मंडी चौक निवासी बुजुर्ग महिला, बिलारी निवासी युवक, अशोक नगर निवासी अधेड़, मझोला निवासी बुजुर्ग की संक्रमित होने के बाद मौत हो गई।
डीएम कार्यवाहक के तौर पर कोरोना संक्रमण से जुड़ी व्यवस्थाओं को देख रहे मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन भी कोरोना वायरस से नहीं बच सके। रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है और संपर्क में आए लोगों से भी जांच की अपील की है। इसके साथ ही डीएम व डीआईजी आवास के दो कर्मी, सीएमओ कार्यालय का एक कर्मी संक्रमित मिला है। इसके साथ ही थाना बिलारी के चार पुलिस कर्मी भी संक्रमित बताए जा रहे हैं। शहर के रामगंगा विहार, आशियाना, हरथला, हिमगिरी, बुद्धि विहार, सिविल लाइंस सहित कई इलाके हैं, जहां संक्रमित मिले हैं।
बेड फुल, परेशान मरीज
संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। चिंता की बात यह है कि इनमें गंभीर मरीजों की भी संख्या कम नहीं है। शनिवार को भी महिला अस्पताल मेटरनिटी विंग और जिला अस्पताल में आक्सीजन के सभी बेड फुल दिखे। सीएमओ डा. एमसी गर्ग का कहना है कि स्थिति को कंट्रोल में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
नहीं पहुंची आक्सीजन, प्रशासन में मची खलबली
आक्सीजन किल्लत ने शनिवार को अफसरों के पसीने छुड़ा दिए। कई घंटों तक डीलर के पास आक्सीजन नहीं पहुंची तो अस्पतालों में हाहाकार मच गया। स्थिति की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को पहुंचाई गई तो फौरन वैकल्पिक व्यवस्था कर आक्सीजन की आपूर्ति को पूरा कराया गया। प्रशासन की सूझबूझ से इस दिन गहराने वाले संकट से तो जिला उबर गया, पर जो स्थिति आक्सीजन को लेकर देखी जा रही है उसने अफसरों को चिंता में डाल दिया है। लक्विड के रूप में जिले में आक्सीजन काशीपुर और मोदी नगर प्लांट से पहुंचती है। यहां फैक्ट्रियों के माध्यम से उसे भाप में बदला जाता है और फिर यह आक्सीजन डीलर के पास सप्लाई की जाती है। यहां से अस्पतालों को आक्सीजन भेजी जाती है। शनिवार को सुबह डीलर के पास पहुंचने वाली आक्सीजन की जब कोई खबर नहीं आई तो अस्पतालों में इस गैस का संकट गहरा गया। डीलर और प्रशासनिक अधिकारियों तक फोन घन-घनाने लगे। सूत्रों की माने तो डीलर द्वारा जब परिस्थिति के बारे में डीएम राकेश कुमार सिंह को बताया गया तो फौरन उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में विचार किया गया। एक डीलर ने बताया कि उनकी फर्म में आक्सीजन दलपतपुर प्लांट से आती है। गाड़ी भेजी गई तो वहां से आक्सीजन किल्लत की बात सामने आई। हालांकि डीएम राकेश कुमार सिंह ने फौरन आरटीओ कार्यालय के पास प्लांट पर आक्सीजन का सुझाव दिया और फिर जाकर तीन चरणों में साढ़े चार टन तक आक्सीजन की पूर्ति की जा सकी। दोपहर साढ़े 12 बजे और फिर रात में गाड़ियों के माध्यम से आक्सीजन आई तो सभी ने राहत की सांस ली।
