बरेली: चिताओं के लिए कम पड़ी जगह, वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना से मौतों की संख्या प्रतिदिन बढ़ने के साथ शहर के मुख्य श्मशान स्थलों पर अब चिताएं बनाने की जगह बाकी नहीं रह गई है। मृतकों के परिजनों को अंत्येष्टि के लिए एक से दूसरे श्मशान स्थल पर भेजा जा रहा है। संकट की यह स्थिति और ज्यादा विकराल होने के चलते …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना से मौतों की संख्या प्रतिदिन बढ़ने के साथ शहर के मुख्य श्मशान स्थलों पर अब चिताएं बनाने की जगह बाकी नहीं रह गई है। मृतकों के परिजनों को अंत्येष्टि के लिए एक से दूसरे श्मशान स्थल पर भेजा जा रहा है। संकट की यह स्थिति और ज्यादा विकराल होने के चलते नगर निगम के अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं के प्रयास तेज कर दिए हैं।

मंगलवार को भी नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ कई श्मशान स्थलों का निरीक्षण किया। साथ ही इन जगहों पर और नए चबूतरे बनवाने की तैयारी शुरू करा दी है। नगर निगम ने अभी संजयनगर, सिटी श्मशान भूमि व गुलाबबाड़ी श्मशान स्थलों पर अंत्येष्टि के लिए नए चबूतरे बनवाए थे।

शहर के दो बड़े श्मशान स्थल संजयनगर व सिटी श्मशान भूमि में शवों की अंत्येष्टि के लिए चबूतरे के साथ नीचे जमीन पर भी चिताएं बनाने की जगह बाकी नहीं रह गई है। दोनों श्मशान स्थलों पर हर दिन 80 से 90 तक शव पहुंच रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में कोरोना से मरने वालों की है। नगर निगम ने इन श्मशान स्थलों पर क्रियाकर्म के लिए जगह बाकी न रहने पर नए चबूतरे बनवाए थे लेकिन शवों की संख्या बढ़ने से अब वे भी कम पड़ गए हैं। इससे श्मशान स्थलों पर मृतकों के परिजनों को अंत्येष्टि के लिए उधर-उधर दूसरे श्मशान स्थलों पर भेजा जा रहा है। इस दिक्कत को देखते हुए नगर निगम ने फिर से वैकल्पिक व्यवस्थाओं को लेकर कोशिश शुरू कर दी हैं।

मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान आदि के साथ सिटी श्मशान भूमि व संजयनगर श्मशान स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था देखी। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि नगर निगम ने सिटी श्मशान स्थल पर नया चबूतरा बनवाया था, वह शुरू हो गया है। इससे पहले संजयनगर में भी नया चबूतरे पर शवों की अंत्येष्टि शुरू कर दी है। इन श्मशान स्थलों पर अभी और भी जगह है। इसलिए यहां कुछ और चबूतरे तैयार कराए जा रहे हैं। जिससे अंत्येष्टि के लिए दिक्कतों को कुछ कम किया जा सके।

श्मशान स्थलों पर सेनेटाइजेशन के लिए लगाईं तीन मशीनें
श्मशान स्थलों पर कोरोना संक्रमित शवों की अंत्येष्टि बड़ी संख्या में होने से नगर निगम प्रशासन ने संजयनगर, सिटी स्टेशन व गुलाबबाड़ी श्मशान स्थलों पर एक-एक सेनटाइजेशन मशीन लगा दी है। यह मशीन दिन में कई बार दवा का छिड़काव करती हैं। ताकि यहां संक्रमण को कम से कम किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अंत्येष्टि दूसरे श्मशान स्थलों पर भी की जा सकती है लेकिन लोग शहर के तीन मुख्य श्मशान स्थलों पर ही पहुंच रहे हैं।

सेना की आपत्ति के बाद दूसरी जगह बनाया गया चबूतरा
कैंट सीमा से लगे गुलाबबाड़ी श्मशान स्थल पर भी चिताओं के लिए जगह कम पड़ रही थी। यहां नगर निगम ने नया चबूतरा बनाने के प्रयास शुरू किए थे लेकिन सेना ने पूर्व में बन रहे चबूतरे की जगह को लेकर आपत्ति लगा दी थी। इसके बाद जगह बदलकर नया चबूतरा बनवा दिया गया है। इससे यहां अंत्येष्टि को लेकर आ रही दिक्कत काफी हद तक खत्म हो गई है।

श्मशान स्थलों की व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संजयनगर, गुलाबबाड़ी व सिटी श्मशान स्थलों पर और नए चबूतरे बनवाए जा रहे हैं। इसके साथ यहां सेनिटाइजेशन के लिए तीन मशीनें भी उपलब्ध करा दी गई हैं। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

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