बरेली: कोरोना से लड़ रहीं निगरानी समितियों से मुखातिब हुए सीएम
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के दौर में सेनिटाइजेशन व मरीजों की निगरानी के साथ उनके इलाज की व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रही वार्ड व ग्राम पंचायत स्तर पर बनी निगरानी समितियों के लोगों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल मीटिंग कर सीधे रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने भुता की एक ग्राम पंचायत की …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के दौर में सेनिटाइजेशन व मरीजों की निगरानी के साथ उनके इलाज की व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रही वार्ड व ग्राम पंचायत स्तर पर बनी निगरानी समितियों के लोगों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल मीटिंग कर सीधे रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने भुता की एक ग्राम पंचायत की निगरानी समिति के सदस्यों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि यह दौर काफी कठिन है। ऐसे में सीधे लोगों से जुड़ी निगरानी समितियों की भूमिका बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
नगर निगम ने सभी 80 वार्डों में पार्षदों की अध्यक्षता में निगरानी समितियों को सक्रिय किया है। इन समितियों में आशा वर्कर, कोटेदार, सफाई कर्मचारी आदि को शामिल किया गया है। ये समितियां अपने क्षेत्र में सेनेटाइजेशन के साथ संदिग्ध कोरोना मरीजों को चिन्हित करने, संक्रमितों को क्वारंटाइन करने और उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने सहित कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत स्तर पर भी निगरानी समितियां काम कर रही हैं।
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल मीटिंग कर कुछ नगर निगमों व निगरानी समितियों के लोगों से वार्ता की। मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद, फिरोजाबाद व कुशीनगर नगर निगम के अधिकारियों के साथ कई अन्य ग्राम पंचायत के साथ भुता की भी एक ग्राम पंचायत के सदस्यों के साथ वार्ता की।
उन्होंने कहा कि इस समय निगरानी समितियों के सदस्यों की भूमिका बहुत ही खास हो गई है। ऐसे समय में और भी ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने की जरूरत है। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वर्चुअल मीटिंग में शामिल होने के लिए ज्यादातर सदस्यों को लिंक भेज दिया गया था लेकिन जिन लोगों के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं थे, उनके लिए नगर निगम में बोर्ड सभागार और प्रेमनगर में जोन-चार में टीवी स्क्रीन की व्यवस्था करके वहां सदस्यों ने वर्चुअल मीटिंग में सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि यहां भी निगरानी समितियों से उनके वार्डों से फीडबैक लिया जा रहा है।
