हल्द्वानी: मेडिकल कॉलेज में बनेगा 500 बेड का कोविड अस्पताल

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हल्द्वानी, अमृत विचार। वर्तमान में कोविड आपदा को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। जिला प्रशासन की मांग पर अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अधिकारियों ने अस्पताल निर्माण के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इससे पूर्व जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल डीआरडीओ के …

हल्द्वानी, अमृत विचार। वर्तमान में कोविड आपदा को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। जिला प्रशासन की मांग पर अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अधिकारियों ने अस्पताल निर्माण के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

इससे पूर्व जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल डीआरडीओ के अधिकारियों से वार्ता कर यहां भव्य अस्पताल निर्माण की मंशा जाहिर किया था। अस्पताल बनने से लोगों को बेहतर सुविधाएं तो मिलेंगी ही साथ ही ज्यादा से जयादा मरीजों का उपचार भी किया जा सकेगा। वर्तमान में डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में बेडों के जरिए मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

गुरुवार को सुबह एसटीएच पहुंचे अधिकारियों ने अस्पताल का मुवायना कर अधिकारियों ने यहां अस्पताल निर्माण की संभावनाएं देखी व मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान जिला प्रशासन व डीआरडीओ के अधिकारियों द्वारा पूर्ण रुपरेखा भी तैयार की गई। मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर के मैदान में 500 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जाएगा।

इसमें से 100 बेड ऑक्सीजन युक्त व 125 आईसीयू बेड तैयार कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बनाने वाले इस अस्पताल में डाक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती प्रदेश सरकार द्वारा की जाएगी। निरीक्षण के उपरान्त  सदस्यों द्वारा अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक कर अन्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। इस अवसर पर डीआरडीओ के चीफ कन्ट्रेक्शन इंजीनियर गगन बाधवा, दीपक यादव मुख्य अभियंता लोनिवि,  डॉ. सीपी भैसोडा प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, विवेक राय उपजिलाधिकारी, ऋचा सिंह सिटी मजिस्ट्रेट, विशाल सक्सेना अधीक्षण अभियंता जल संस्थान, आशोक कुमार कटारिया अधिशासी अभियंता जल निगम,सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि अशोक चैधरी, अधिशासी अभियंता विद्युत बीएस बिष्ट तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अन्य विभागों को भी सौंपी जाएगी आवश्यक जिम्मेदारियां

अस्पताल के स्ट्रेक्चर आदि का निर्माण डीआरडीओ द्वारा किया जाएगा। अस्पताल को निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के सहयोग से कराया जाएगा। पानी व बिजली की व्यवस्थाएं लाईनों का निर्माण विद्युत विभाग द्वारा होगा।  जानकारी के मुताबिक फैब्रीकेटेड अस्पताल के निर्माण पर लगभग दस से पंद्रह करोड़ रूपये खर्च होने की सम्भवाना है।  डीआरडीओ सदस्यों द्वारा निरीक्षण की रिर्पोट शासन को सौपी जायेगी। शासन से सहमति मिलने  के उपरान्त तेजी से इस अस्पताल का निर्माण प्रारम्भ कर दी जायेगा।

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