मोदी ने कोरोना को बताया पिछले 100 वर्षों का सबसे बड़ा संकट, कहा- पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती है ये

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी को पिछले 100 वर्षों में सबसे बड़ा संकट करार देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की समूची मशीनरी एकजुट होकर इस संकट का मुकाबला कर रही है। मोदी ने शुक्रवार को यहां मंत्रिपरिषद की कई घंटे तक चली बैठक में देशभर में कोरोना महामारी की …

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी को पिछले 100 वर्षों में सबसे बड़ा संकट करार देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की समूची मशीनरी एकजुट होकर इस संकट का मुकाबला कर रही है। मोदी ने शुक्रवार को यहां मंत्रिपरिषद की कई घंटे तक चली बैठक में देशभर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कोरोना महामारी के कारण पिछले 100 वर्षों में मानवता के सामने सबसे बड़ा संकट खड़ा हुआ है जो पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती बन गया है।

मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों और जनता के साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह इस चुनौती का सामना कर रही है। समूची सरकारी मशीनरी एकजुट होकर तेजी से स्थिति से निपटने में लगी है। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों के संपर्क में रहें, उनकी मदद करें तथा उनसे फीडबैक लें।

मोदी ने जोर देकर कहां कि सभी मुद्दों की स्थानीय स्तर पर पहचान करके स्थानीय स्तर पर तेजी से समाधान किए जाने की जरूरत है। बैठक में कोरोना महामारी से निपटने के लिए पिछले 14 महीनों के दौरान उपायों और प्रयासों की भी समीक्षा की गई। बैठक में केंद्र सरकार के राज्यों के साथ मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में ढांचागत सुविधाएं बनाने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

मुख्य रूप से मेडिकल ऑक्सीजन, उसके उत्पादन, परिवहन और अनिवार्य दवाओं की उपलब्धता पर बातचीत हुई। ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति को और बढ़ाने पर जोर दिया गया। देश के कमजोर वर्ग के लोगों को खाद्यान्न और जनधन खातों से वित्तीय सहायता जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि देश में दो वैक्सीनों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया गया है और कई अन्य मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं। अब तक देश में 15 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। बैठक में अन्य बातों के साथ इस बात पर भी जोर दिया गया कि कोविड व्यवहार को पूरे देश में सख्ती से लागू किया जाए।

इस बात पर भी जोर दिया गया की इस बड़ी चुनौती से निपटने में समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है और यह विश्वास व्यक्त किया गया कि देश इस परीक्षा की घड़ी में और मजबूत तथा सफल होकर निकलेगा तथा वायरस को परास्त करेगा। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की और इसमें सभी मंत्रियों तथा प्रधानमंत्री के सचिव, कैबिनेट सचिव और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने हिस्सा लिया।

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