यूपी के इस जिले में लोगों ने पुलिस चौकी पर बोला हमला, कई वाहनों में की जमकर तोड़फोड़

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सीतापुर। उत्तर प्रदेश के एलिया ब्लाक के जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 28 के मतगणना के बाद आए नतीजे को लेकर मंगलवार की रात जमकर बवाल हुआ। एक प्रत्याशी को गड़बड़ी कर जानबूझ कर हरा देने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने सीतापुर कस्ता मार्ग पर न सिर्फ जाम लगा दिया। बल्कि एक भाजपा …

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के एलिया ब्लाक के जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 28 के मतगणना के बाद आए नतीजे को लेकर मंगलवार की रात जमकर बवाल हुआ। एक प्रत्याशी को गड़बड़ी कर जानबूझ कर हरा देने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने सीतापुर कस्ता मार्ग पर न सिर्फ जाम लगा दिया। बल्कि एक भाजपा नेता के पहुंचने के बाद उग्र हुई भीड़ ने कोतवाली देहात की कचनार पुलिस चौकी में जमकर तोड़फोड़ किया।

पुलिस की सरकारी व प्राइवेट कई गाड़ियां तोड़ दी गई। पुलिस वाले भाग खड़े हुए। बवाल की खबर पाकर भारी संख्या में पुलिस, पीएसी बल ने पहुंचकर स्थिति संभाली। आरोप यह भी लग रहा है कि घटना के बाद पुलिस व पीएसी ने भी कई गांव में जमकर तांडव किया और लोगों के घरों में घुसकर न सिर्फ मारपीट की बल्कि तोड़फोड़ भी किया गया। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात से इंकार कर रहे हैं।

यूपी के इस जिले में लोगों ने पुलिस चौकी पर बोला हमला, वाहनों में की तोड़फोड़(फोटो:सोशल मीडिया)

क्या है ये पूरा मामला

दरअसल एलिया ब्लाक क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 28 से गरीब फैमिली से जुड़े रामू उर्फ माठा निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। उनके सामने बलवीर यादव सहित अन्य प्रत्याशी थे। रामू का कहना है कि उसे क्षेत्र के काफी संख्या में लोगों का समर्थन प्राप्त था और वह करीब 650 वोटों से आगे था। उसको विजेता भी घोषित कर दिया गया था, लेकिन बाद में गड़बड़ी कर उसे कुछ वोटों से हारा हुआ घोषित कर दिया गया।

जब यह खबर क्षेत्र के लोगों में फैली तो लोग नाराज हो गए। लोगों की नाराजगी का आलम यह था कि कई गांव के सैकड़ों लोग सीतापुर कस्ता मार्ग पर आ गए और प्रदर्शन करने लगे। लोग रामू उर्फ माठा के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। खबर पाकर इंस्पेक्टर कोतवाली देहात मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और प्रत्याशी रामू को लेकर चले गए।

सूत्र बताते हैं कि इसी बीच एक भाजपा नेता, उसी सीट से भाजपा का समर्थन प्राप्त उम्मीदवार वहां पहुंच गए और ग्रामीणों के साथ मिलकर वार्ता करने के बाद फिर से जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। भीड़ ने यूपी डायल 112 की एक गाड़ी तोड़ दी।

उस पर सवार पुलिसकर्मी जान बचाकर भाग निकले। इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ कोतवाली देहात की कचनार पुलिस चौकी पहुंच गई। पुलिस चौकी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।कई प्राइवेट वाहन तोड़ दिए गए। जब यह खबर पुलिस के उच्चाधिकारियों को हुई तो अपर पुलिस अधीक्षक डॉ राजीव दीक्षित, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह सहित करीब 10 थानों की पुलिस वहां पहुंच गई।

पुलिस के पहुंचने पर उग्र भीड़ में शामिल लोग भाग निकले। भाग रहे लोगों में से पुलिस ने कई लोगों को दबोच लिया। दूसरी ओर ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि बवाल के बाद गुस्साई पुलिस ने कचनार सहित आसपास के कुछ गांव में जमकर तांडव किया। बेगुनाहों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ भी की। हालांकि पुलिस इस बात से इंकार कर रही है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में 20 नामजद, 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद से कचनार सहित पूरे क्षेत्र में पुलिस व पीएसी बल अभी भी तैनात है। हालांकि क्षेत्र में अब पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।

क्या कहती है पुलिस

इस संबंध में सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि चौकी इंचार्ज की तहरीर पर 20 नाम व 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही घटना में शामिल 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। फिलवक्त कचनार सहित आसपास के इलाके में पुलिस व पीएसी तैनात है लेकिन कानून व्यवस्था को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। क्षेत्र में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।

पुलिस के खौफ से खेतों में छुपे हैं लोग

पुलिस भले ही सब कुछ दुरुस्त बता रही हो, लेकिन क्षेत्रीय लोगों से पता चला है कि अभी लोगों में पुलिस को लेकर काफी खौफ है। लोग डरे हुए हैं। कुछ लोगों ने गांव छोड़कर रिश्तेदारी में पनाह ले ली है। सूत्रों का दावा है कि तमाम लोग पुलिस के डर से गांव के आसपास खेत व बाग में छुपे हुए हैं। लोगों को डर है कि पुलिस उनको पकड़ कर मारपीट कर सकती है।

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यूपी के इस जिले में लोगों ने पुलिस चौकी पर बोला हमला, वाहनों में की तोड़फोड़(फोटो:सोशल मीडिया)

मट्ठा बेच कर परिवार की जीविका चलाता है रामू उर्फ माठा

जानकार बताते हैं कि जिस रामू उर्फ माठा की हार पर इतना बवाल हुआ है, वह बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। वह गांव में माठा बेचने का काम करता है। साथ ही ठेलिया चलाकर अपने परिवार की का पालन पोषण करता है। वह लोगों से काफी घुला मिला था। सभी से प्यार से बात करता था।

जब व जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनावी मैदान में उतरा तो उसके साथ लोगों की सहानुभूति जुड़ गई थी। जिसके चलते लोगों ने चुनाव लड़ने में उसकी काफी मदद की। साथ ही उसको वोट भी दिए। लोगों का दावा है की रामू चुनाव में जीता था, लेकिन बाद में उसे हारा हुआ घोषित किया गया है।

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