पीलीभीत: अपने ही खेल में फंस गई पुलिस, कुछ इस तरह पलटी कहानी, जानिए पूरा मामला
पूरनपुर/पीलीभीत, अमृत विचार। एके-47 राइफल छीनने वाले इनामी बदमाश के साथ हजारा पुलिस ने हरिपुर के जंगल में मुठभेड़ दिखाई थी, जिसमें पुलिस ने सिपाही को गंभीर घायल होना बताया था, लेकिन सिपाही के हल्की-फुल्की चोट आई हैं। पुलिस की यह मुठभेड़ एक नाटक ही नज़र आ रही है। इसके अलावा पुलिस ने जो बदमाश …
पूरनपुर/पीलीभीत, अमृत विचार। एके-47 राइफल छीनने वाले इनामी बदमाश के साथ हजारा पुलिस ने हरिपुर के जंगल में मुठभेड़ दिखाई थी, जिसमें पुलिस ने सिपाही को गंभीर घायल होना बताया था, लेकिन सिपाही के हल्की-फुल्की चोट आई हैं। पुलिस की यह मुठभेड़ एक नाटक ही नज़र आ रही है। इसके अलावा पुलिस ने जो बदमाश व सिपाही का मेडिकल कराया है उसकी रिपोर्ट से पुलिस परेशान है। इसमें गोली पास से चलने की पुष्टि हुई है।
नानकमत्ता थाने की पुलिस ने माधौटांडा टांडा थाने की रामनगर पुलिस चौकी क्षेत्र में वांछित चल रहे थाना हजारा के गांव राघोपुर निवासी बदमाश जसवंत सिंह जस्सी की गिरफ्तारी को 23 अप्रैल को दबिश दी थी। नानकमत्ता थाने से अपराधी पर पांच हजार का इनाम घोषित था। पुलिस दबिश में बदमाश ने नानकमत्ता पुलिस से मारपीट कर एके-47 राइफल छीन ली थी। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।
उसके बाद पुलिस ने फरार बदमाश की तलाश शुरू कर दी और एक शुक्रवार को सुबह हरिपुर के जंगल में थाना हजारा प्रभारी निरीक्षक उमेश सोलंकी को सूचना मिली कि हरिपुर के जंगल में इनामी बदमाश छिपा है। पुलिस पार्टी जंगल में पहुंची तो बदमाश जसवंत सिंह पुलिस को देख कर भागने लगा। पुलिस ने जब ललकारा तो जसवंत सिंह जस्सी ने फायर कर दिया, जो पुलिस पार्टी की सिपाही अरुण कुमार को लगा, जिससे वह घायल हो गया।
हजारा पुलिस सिपाही को गंभीर घायल होने का दावा कर रही थी, लेकिन सिपाही अरुण कुमार के दाएं हाथ में हल्की-फुल्की चोट लगी है जो डंडे की चोट होने की आशंका लग रही है। सूत्रों की माने तो हजारा पुलिस ने जब बदमाश जसवंत सिंह जस्सी का मेडिकल कराया तो उसके भी पैर में लगी गोली सटाकर मारे जाने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट को लेकर हजारा पुलिस के पसीने छूट रहे हैं और सरकारी डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं।
थाना हजारा के उप निरीक्षक राजवीर सिंह परमार का बदमाश से मुठभेड़ होने के बाद उसी दिन प्रमोशन भी हो गया और उनको वरिष्ठ उप निरीक्षक बनाया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी लल्लन सिंह ने बताया की चुनाव के दौरान उनका अच्छा गुड वर्क था, उप निरीक्षक परमार ने जंगल में बाघ से एक बच्ची को भी बचाया था, इसके अलावा और भी कई उनके गुड वर्क थे, जिसको देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उनको वरिष्ठ उप निरीक्षक के पद पर प्रमोशन किया है।
