दातागंज: सैंपल दिये नहीं, फिर भी बताया पॉजिटिव
अमृत विचार, दातागंज। बिना कोरोना जांच के ही किसी को पॉजिटिव बता दिया जाए तो उस पर क्या गुजरेगी। इससे जिम्मेदारों की लापरवाही भी उजागर होती है और स्वास्थ्य विभाग की जांचों पर विश्वास उठ जाता है। अलापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत म्याऊं में ग्राम प्रधान पद के दो प्रत्याशियों के कोरोना जांच न कराने …
अमृत विचार, दातागंज। बिना कोरोना जांच के ही किसी को पॉजिटिव बता दिया जाए तो उस पर क्या गुजरेगी। इससे जिम्मेदारों की लापरवाही भी उजागर होती है और स्वास्थ्य विभाग की जांचों पर विश्वास उठ जाता है। अलापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत म्याऊं में ग्राम प्रधान पद के दो प्रत्याशियों के कोरोना जांच न कराने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव बता दिया।
उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की गई है। ग्राम पंचायत म्याऊं के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान कुंवरपाल कश्यप ने बताया कि वह ग्राम पंचायत से प्रधान पद के प्रत्याशी थे तो जानकारी मिली कि कोविड 19 का निगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के मतगणना स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा।
बाद में शासन ने अपना निर्देश वापस ले लिया था। तो उन्होंने अपनी कोरोना की जांच नहीं कराई लेकिन उनके पास स्वास्थ्य विभाग से किसी महिला का फोन आया और उनके कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव होने की जानकारी दी। महिला से पूछा कि उन्होंने तो कोविड 19 की जांच कराई ही नहीं है। कहां से बोल रही हैं। तो महिला ने म्याऊं के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बात करने की जानकारी दी। कुंवरपाल कश्यप ने बताया कि उन्होंने आज तक अपने परिवार के किसी भी सदस्य की कोरोना जांच नहीं कराई है तो जांच रिपोर्ट कैसे आ गई। महिला से फोन पर बहुत देर तक बहस होती रही। अंत में महिला ने फोन काट दिया।
इसके बाद उनके छोटे भाई कुंवरसेन के पास भी फोन आया और कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव होने की जानकारी दी गई। उन्होंने भी कोरोना की जांच न कराने के बारे में बताया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि बिना जांच कराए रिपोर्ट पॉजिटिव बताने से वे सन्न रह गए हैं। कुछ देर के लिए उनके दीमाग ने काम करना बंद कर दिया। इससे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की कार्यशैली का पता चलता है। जो कोविड 19 जैसी महामारी को हल्के में ले रहे हैं। विभाग के ऐसे लापरवाह अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
