बरेली: ईद पर बाजार में सन्नाटा, नहीं दिखी भीड़
बरेली, अमृत विचार। ईद के मौके पर शहर भर में सन्नाटा पसरा रहा, बाजारों में भी रोज के मुकाबले काफी कम भीड़-भाड़ दिखाई दी। श्यामगंज व कुतुबखाना बाजार में भी सिर्फ आने-जाने वाले वाहन ही नजर आए। ईद के दिन सुरक्षा को लेकर मस्जिदों, बाजारों और मुख्य इलाकों में पुलिस तैनात रही। हालांकि दोपहर के …
बरेली, अमृत विचार। ईद के मौके पर शहर भर में सन्नाटा पसरा रहा, बाजारों में भी रोज के मुकाबले काफी कम भीड़-भाड़ दिखाई दी। श्यामगंज व कुतुबखाना बाजार में भी सिर्फ आने-जाने वाले वाहन ही नजर आए। ईद के दिन सुरक्षा को लेकर मस्जिदों, बाजारों और मुख्य इलाकों में पुलिस तैनात रही। हालांकि दोपहर के बाद शहर के ज्यादातर इलाके सुनसान दिखाई दिए। पिछले काफी दिनों से शहर के बाजारों में लगातार जमा होती भीड़ ने प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी थी।
वहीं ईद उल फितर के मौके पर शहर का माहौल कुछ और ही दिखाई दिया। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर खरीदारी करने वाले लोगों की जगह नए कपड़े पहने ईद मनाने निकले कुछ बच्चों और युवाओं की छिटपुट आवाजाही नजर आई। वहीं दूसरी तरफ शहर के सबसे बड़े बाजार श्यामगंज में भी शक्रवार को लोग काफी कम संख्या में खरीदारी करने के लिए पहुंचे। श्यामगंज बाजार को हर रोज करीब 10:30 बजे तक बंद करवा दिया जाता है लेकिन ईद की वजह से गुरुवार को करीब 11 बजे पुलिस ने पहुंचकर बाजार बंद करवाया।
हालांकि उसके बाद भी पुलिस कर्मी अनाज मंडी चौराहे पर मौजूद रहे। वहीं कुतुबखाना बाजार में भी लोगों की भीड़ काफी कम नजर आई लेकिन वाहनों की आवाजाही काफी रही। दूसरी तरफ ईद पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। लॉकडाउन के चलते पिछले कुछ दिनों से चौक-चौराहे, बिहारीपुर पुलिस चौकी, पटेल चौक व अन्य जगहों पर होने वाली वाहन चैकिंग भी गुरुवार को बंद रही। दोपहर के बाद शहर के मुख्य इलाके पटेल चौक, आलमगिरि गंज, पटेल चौक कुतुबखाना आदि क्षेत्र सुनसान पड़े थे।
ऐ अल्लाह…ऐसी ईद अपने बन्दों को फिर कभी न दिखाना
कोरोना के संकट के चलते लगातार दूसरे साल भी ईदगाहों और मस्जिदें में ईद-उल-फित्र की नमाज अदा न कर पाने का मलाल हर किसी के दिल में रहा। ईद-उल-फित्र की नमाज लेकर सरकार ने पहले से ही पाबंदी लगा दी थी। सुबह से मस्जिदों और बाकरगंज ईदगाह पर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था। जिसके चलते ईदगाहों-मस्जिदों में इमाम सहित पांच नमाजियों ने ईद की नमाज अदा की। इस दौरान कोरोना संक्रमण के खात्मे और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जल्द शिफा के लिए दुआएं की गई। खुशी मनाने के दरम्यान लोगों ने कोविड नियमों का भी ख्याल रखा। एक-दूसरे से शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए मुबारक पेश की गई।
शुक्रवार को ईद के मौके पर अलसुबह ही लोग जग गए। नहा-धोकर लोग तैयार हुए और फज्र की अजान होने के बाद नमाज अदा की। वहीं सुबह ईदगाह या मस्जिद की बजाय लोगों ने परिवार संग घर में ही नमाज-ए-चाश्त अदा की। नमाजियों ने कोरोना से निजात व मुल्क की तरक्की व अमनो-आमान की दुआ मांगी। उधर, मस्जिदों व ईदगाहों में निर्धारित समय पर इमाम ने तीन-चार नमाजियों संग ईद-उल-फित्र की नमाज अदा रस्म निभाई और मुल्क के हक में दुआएं मांगी।
दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में कारी रिजवान रजा ने नमाज अदा कराई। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा क़ादरी (अहसन मियां) मन्नान मियां, मौलाना तौसीफ मियां, मौलाना तौकीर मियां, मौलाना जमाल मियां समेत खानदान के चंद लोगों ने नमाज अदा कर सभी को मुबारकबाद पेश की।
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने इस मौके पर कहा कि ये लगातार दूसरा साल है ईद के मौके पर हमारी ईदगाहे, हमारी इबादतगाहे सूनी पड़ी है। रमजान में भी लोग मुकम्मल तौर पर इबादत नही कर सके। ये मंजर दिल को झकझोर रहा है। मेरी अपनी जिंदगी मे ऐसे हालात पहली मर्तबा गुजरे। हजारो लोग जो पिछले साल हमारे साथ ईद की खुशियां मना रहे थे अब वो हमारे बीच नही रहे। लाखों लोग आज भी अस्पतालों और घरों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे है। उनकी भी नमाज अदा नही हो सकी। अब तो बस अल्लाह से यही दुआ है कि ,ऐ अल्लाह ऐसी ईदें अब दोबारा न दिखाना।
ईदगाह में चंद लोगों की मौजूदगी में हुई नमाज
शुक्रवार को बरेली में ईद उल फित्र का त्योहार कोविड-19 गाइडलाइन के साए में मनाया गया। बरेली की तमाम मस्जिदों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नमाज अदा की गई। शहर ईदगाह में भी चंद लोगों के साथ ईद की नमाज अदा की गई। बाकरगंज स्थित शहर ईदगाह पर मुफ्ती आशिक हुसैन कशमीरी ने ईद की नमाज अदा कराई। इस दौरान प्रशासन समेत भारी संख्या में पुलिसफोर्स मौजूद रही। नमाज के बाद मुफ्ती आशिक हुसैन ने कुतबा पड़ा और देश में चल रहे कोरोना वायरस के प्रकोप से निजात दिलाने के लिए दुआ की।
ईदगाह करबला कमेटी के जनरल सेक्रेट्री डॉ. सरताज हुसैन अब्बासी ने कहा कि सलामती और रहमत हो उस पाक नबी पर जिसने इंसानियत को दुनिया में रहने का सही ढंग और खुदा तक पहुंचने का सच्चा मार्ग दिखाया। ईद आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार है लेकिन इस साल कोरोना वायरस ने लोगों से ईद की खुशियां छीन ली हैं शायद ही ऐसा कोई शख्स बचा हो जिसने अपने किसी रिशतेदार या दोसत को ना खोया हो।बहुत सारे लोग जिंदगी और मौत से अभी भी जंग लड़ रहे हैं। कमेटी के सदर महताब अली ने कहा कि मुश्किल माहौल में सभी लोग सब्र और सदगी से इसे मनाए। और जल्द ही कोरोना नाम की ये महामारी इस दुनिया से खत्म हो जाए। इस मौके पर जमाज रजा के प्रवक्ता समरान खान भी मौजूद रहे।
फिलस्तीन के लोगों के हिफाजत के लोगों के लिए भी हुई दुआ
ईद के मौके पर सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने फिलस्तीन में इस्राइल फौजों द्वारा की जा रही जुल्म और ज्यादती की कड़े शब्दों में निंदा की। हिंदुस्तान समेत फिलिस्तीन में अमन-ओ- सुकून के अलावा दुनिया भर से इस कोरोना की बीमारी की दुआ की। ईद के दिन उन्होने अपना पैगाम जारी करते हुए कहा कि इस मुश्किल वक़्त में सभी लोग बीमारों व गरीबों की खूब मदद करे। अब भी वक़्त है हमसे कही कोई रब की बारगाह में गलती हुई हो तो सच्चे दिल से तौबा कर ले। बेशक मेरा रब बड़ा करीम है और वो माफ करने वाला है। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी व नासिर कुरैशी ने भी सबको ईद मुबारकबाद दी।
इंटरनेट के माध्यम से दी ईद की बधाई, गले मिलने से बनाई दूरी
संक्रमण से जंग के क्रम में अधिकतर लोगों ने एक-दूसरे के घर जाने से परहेज किया और फोन पर या इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बधाई दी। ईद का पर्व यानि खुशियों का दिन है। ईद का त्योहार रमजान के पवित्र महीने का आखिर में आता है। इस दिन लोग एक दूसरे को गले मिलकर ईद मुबारक कहते हैं। पिछले वर्ष की तरह इस साल भी ईद पर कोरोना का साया होने के चलते लोगों ने गले मिलने से दूरी बनाते हुए इंटरनेट के माध्यम से ईद की बधाई दी।
