यूपी बना देश का पहला ऐसा राज्य, जहां पोस्ट कोरोना मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 की बैठक में फैसला लिया कि सभी सरकारी अस्पतालों में पोस्ट कोरोना मरीजों का इलाज बिल्कुल मुफ्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना बीमारी का इलाज हो रहा है, उसी तर्ज पर पोस्ट कोरोना के मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के …
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 की बैठक में फैसला लिया कि सभी सरकारी अस्पतालों में पोस्ट कोरोना मरीजों का इलाज बिल्कुल मुफ्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना बीमारी का इलाज हो रहा है, उसी तर्ज पर पोस्ट कोरोना के मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी।
रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिन लोगों को अन्य बीमारियां हो रही हैं, उनके लिए सरकारी अस्पतालों में भर्ती करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। पोस्ट कोविड बीमारियों का मुफ्त इलाज करने का फैसला करने वाला यूपी पहला राज्य है।
सरकार का दावा-प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 88 प्रतिशत पहुंची, कम हुआ संक्रमण
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के साथ प्रदेशवासियों के जीवन और जीविका की सुरक्षा हेतु किये जा रहे प्रयासों के संतोषप्रद परिणाम मिल रहे हैं। एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के बाद भी नए केस लगातार कम हो रहे हैं, जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है।
बीते माह 17 अप्रैल को प्रदेश में लगभग 1.70 लाख एक्टिव केस थे, जो 13 दिनों के भीतर बढ़कर 30 अप्रैल को सर्वाधिक 03 लाख 10 हजार तक पहुंच गए थे। सतत प्रयासों का परिणाम है कि आज 15 दिनों के बाद एक बार फिर एक्टिव केस की संख्या घटकर 1.77 लाख रह गई है। अब तक 14,14,259 प्रदेशवासी कोविड की लड़ाई जीत कर आरोग्यता प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश की रिकवरी दर अब 88% तक हो गई है।
उन्होंने कहा कि एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के अनुरूप विगत 24 घंटों में प्रदेश में 02 लाख 56 हजार 755 टेस्ट किए गए, जिसमें 1,12,000 टेस्ट आरटीपीसीआर के माध्यम से हुए। इसी अवधि में 12,547 नए कोविड केस की पुष्टि हुई , जबकि इसी अवधि में 28,404 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। 4 करोड़ 44 लाख 27 हजार 447 टेस्ट के साथ देश में सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश ही है।
