डायबिटीज के मरीजों में ब्लैक फंगस का अधिक खतरा

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस के कई केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में खलबली मची है। कोरोना से अभी हालात सुधरे नहीं कि ब्लैक फंगस संक्रमण ने दहशत फैला दी। इस बीमारी के अभी तक सात मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी पुष्टि भी …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस के कई केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में खलबली मची है। कोरोना से अभी हालात सुधरे नहीं कि ब्लैक फंगस संक्रमण ने दहशत फैला दी। इस बीमारी के अभी तक सात मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी पुष्टि भी की है।

सीएमओ डा.एसके गर्ग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी कोविड अस्पतालों को ऑक्सीफ्लोमीटर का पानी रोजाना बदलने के निर्देश दिए हैं। इस बीमारी से सबसे अधिक खतरा डायबिटीज के उन मरीजों को है, जो करोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। उन्हें अपना शुगर लेवल नियंत्रित रखना होगा। कोरोना की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के ब्लैक फंगल संक्रमण की चपेट में तेजी से आ रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. गर्ग ने बताया कि यह दुर्लभ संक्रमण है। जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इंफेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इससे निपटने के लिए सभी कोविड अस्पतालों को ऑक्सी फ्लोमीटर का पानी रोज बदलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इसका रिकार्ड मेंटेन करने की भी हिदायत दी गई है।

बताया कि इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण कोरोना के इलाज के दौरान ज्यादा मात्रा में स्टेरायइड का अधिक सेवन करना, तनाव और चिंता है। डायबिटीज के मरीजों का इम्युनिटी लेवल पहले ही कम होता है। इस वजह से उन्हें खतरा अधिक है। कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर है। इसलिए वह आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। यह संक्रमण नाक के जरिए व्यक्ति के अंदर चला जाता है, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनको जकड़ लेता है।

क्या होता है म्यूकोरमाइकोसिस
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल (आईसीएमआर) द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर हो सकता है। इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली जाती है। कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है।

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