बरेली: वन विभाग के क्या कहने…बाघिन पकड़ने को बिना शिकार के ही लगा दिया पिंजड़ा
मीरगंज/बरेली, अमृत विचार। बीते एक वर्ष से अधिक समय से रबर फैक्ट्री में घूम रही बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने तमाम योजनाएं बनाईं। कई बार विशेषज्ञों को भी बुलाया गया लेकिन हर योजना असफल रही। इसके बाद विभाग ने बाघिन को पकड़ने के प्रयास ही बंद कर दिए। विभाग की इस असफलता …
मीरगंज/बरेली, अमृत विचार। बीते एक वर्ष से अधिक समय से रबर फैक्ट्री में घूम रही बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने तमाम योजनाएं बनाईं। कई बार विशेषज्ञों को भी बुलाया गया लेकिन हर योजना असफल रही। इसके बाद विभाग ने बाघिन को पकड़ने के प्रयास ही बंद कर दिए। विभाग की इस असफलता लापरवाही का अंजाम अब ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है।
मीरगंज में दो किसानों पर हमले के बाद विभाग का कहना है कि अब वह विशेष योजना बना रहे हैं लेकिन पहले दिन जो योजना बनायी उससे तो कई सवाल ही खड़े हो रहे हैं। वन विभाग ने पिंजड़ा तो लगाया लेकिन उसमें शिकार यानी कोई जानवर ही नहीं बांधा तो बाघिन कैसे जाल में फंसेगी। बाघिन को पकड़ने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है जो मंगलवार को रबर फैक्ट्री में पहुंचेगी। अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को उसमें किसी जानवर के लिए बांधा जाएगा।
सोमवार को बाघिन पकड़ने के लिए पूरे दिन ड्रोन कैमरे से कॉम्बिंग की गई, लेकिन बाघिन का कुछ पता नहीं चल सका। रविवार को मजरा हेमराजपुर गांव के दो किसानों पर बाघिन के हमले के बाद आस-पास के इलाकों में भी दहशत का माहौल बन चुका है। लोग अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं।
लोगों का कहना है कि उन्होंने सोमवार को भी बाघिन को हेमराजपुर के जंगलों में सुबह करीब 11:00 बजे देखा था लेकिन विभाग के लोग इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं है। उधर, गांव के नवनिर्वाचित प्रधान धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि गांव वालों के लिए यह समय गन्ने की खेती का है। वह अगर खेत पर नहीं जाएंगे तो उन्हें काफी नुकसान होगा।
झुंड बनाकर जाएं खेत में
वन विभाग तरफ से गांव वालों को चेताया गया कि यदि लोग खेतों पर जा रहे हैं तो वह झुंड बनाकर जाएं। साथ में लाठी डंडे भी लेकर जाएं। जिससे विपरीत परिस्थियों में वह खुद को बचा सके। वहीं वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने पुलिस के साथ रामगंगा खादर की दूसरी तरफ गन्ने के खेतों में जाकर कॉम्बिंग की। मगर वहां भी उन्हें कुछ नहीं मिला। मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा का कहना है कि मंगलवार को पीलीभीत से डॉक्टर दक्ष अपनी टीम के साथ बरेली पहुंचेंगे। इसके बाद वह वहां पर पिंजरा लगाकर बाघिन को पकड़ने की योजना बनाएंगे। हालांकि उससे पहले सोमवार को भी एक पिंजरा लगाया जा चुका है।
शिकार से छेड़छाड़ का फोड़ रहे ठीकरा
बाघिन के हमलावार होने के पीछे वन विभाग अपनी गलती नहीं मान रहा है बल्कि उसका ठीकरा गांव वालों के ऊपर फोड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गांव वालों की वजह से ही बाघिन हमलावर हुई है। वरना एक साल से उसने किसी के ऊपर भी हमला नहीं किया था। अधिकारियों का कहना है कि गांव वालों ने उसके शिकार के साथ छेड़छाड़ की थी। जिसकी वजह से उसने हमला किया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बाघिन ने एक हिरन का शिकार करके उसे छिपा कर रखा हुआ था। गांव वालों जाकर उस शिकार के साथ छेड़छाड़ की। जिसकी वजह से बाघिन हमलावर हो गई। यदि वह लोग उसके शिकार से छेड़छाड़ नहीं करते तो शायद बाघिन हमला नहीं करती।
