23 मई से शनिदेव की बदलेगी चाल, 141 दिन तक रहेंगे वक्री अवस्था में

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भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। न्याय के देवता माने जाने वाले शनिदेव आने वाली 23 मई से उल्टी चाल चलेंगे वह वक्री अवस्था में रहेंगे। खास बात यह है कि वे इस बार पूरे 141 दिन तक वक्री अवस्था में रहेंगे और 11 अक्टूबर को मार्गी होंगे। करीब पांच माह तक वे विभिन्न राशियों के जातकों पर …

भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। न्याय के देवता माने जाने वाले शनिदेव आने वाली 23 मई से उल्टी चाल चलेंगे वह वक्री अवस्था में रहेंगे। खास बात यह है कि वे इस बार पूरे 141 दिन तक वक्री अवस्था में रहेंगे और 11 अक्टूबर को मार्गी होंगे। करीब पांच माह तक वे विभिन्न राशियों के जातकों पर अच्छा-बुरा प्रभाव डालेंगे, परंतु जिन लोगों की कुंडली में शनि अच्छी और मजबूत स्थिति में है, उन्हें लाभ होगा, व्यापार व उद्योग धंधे से संबंधित लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा।

साथ ही जिन लोगों को शनि की साढ़े साती अथवा ढैया समाप्त होने वाली है, उनके अटके काम भी पूरे होने लगेंगे। वहीं जिन लोगों का शनि कमजोर स्थति में है उन्हें हुनमान चालीसा का पाठ करने के साथ, बुजुर्गों की सेवा, अन्न दान करना होगा।

पंडित मनोज जोशी और कैलाश पांडे ने बताया कि 23 मई को दोपहर ढाई बजे शनिदेव व्रकी होने जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में शनिदेव स्वयं परेशानी की स्थिति में रहते हैं और शुभ फल कम ही देते हैं। करीब पांच महीने के बाद ग्यारह अक्टूबर को शनि फिर से मार्गी होंगे। शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक गतिशील रहते हैं। इस वजह से इस साल शनिदेव राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। शनिदेव स्वयं की मकर राशि में हैं। अपनी ही राशि में वक्री होने से साढ़े साती और ढैया वाले जातकों को अधिक परिश्रम करने पर ही अच्छे फल मिलेंगे। वर्तमान में मिथुन, तुला, धनु, मकर व कुंभ राशि वालों को सावधान रहना होगा ।

राशियों में रहेगा कुछ इस तरह का प्रभाव 

मेष- दशम भाव में वक्री शनि पदोन्नति की ओर ले जाएगा।
वृषभ- भाग्य स्थान में होने से शनि रुके काम पूरे कराएंगे।
मिथुन- संतान सुख पर शारीरिक कष्ट की प्रबल संभावना।
कर्क- स्थानांतरण के योग हैं और धन हानि की संभावना है।
सिंह- आर्थिक लाभ होगा, कन्या की संपत्ति में बढ़ोतरी होगी ।
तुला- निवेश सोच-समझ कर करें नहीं तो पैसा फंस सकता है।
वृश्चिक- जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ है उनके इस बीच विवाह के योग बनेंगे।
धनु- नौकरी व व्यवसाय में परिवर्तन होगा,धन लाभ होगा।
मकर- सेहत का ध्यान रखना होगा, जमा किया गया पैसा खर्च हो सकता है।
कुंभ- व्यय अधिक होगा, नए संसाधनों से लाभ कम होगा।
मीन- धन वृद्धि के साथ मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी।

साढ़े साती व ढैया वाले जातकों को कठिन परिश्रम करना होगा तभी भाग्य साथ दे पाएगा।

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