हल्द्वानी: एसटीएच में स्टाफ नर्सों ने काला फीता बांधकर किया सांकेतिक प्रदर्शन
हल्द्वानी, अमृत विचार। सुशीला तिवारी अस्पताल में मंगलवार को स्टाफ नर्सों ने अपनी मांगों को लेकर काला फीता बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस मौके पर संविदा एवं बेरोजगार स्टाफ नर्सेज महासंघ (उत्तराखंड) के बैनर तले मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया। उन्होंने कहा कि जून में आयोजित होने वाली नर्सिंग भर्ती परीक्षा रद्द कराने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सुशीला तिवारी अस्पताल में मंगलवार को स्टाफ नर्सों ने अपनी मांगों को लेकर काला फीता बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस मौके पर संविदा एवं बेरोजगार स्टाफ नर्सेज महासंघ (उत्तराखंड) के बैनर तले मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया। उन्होंने कहा कि जून में आयोजित होने वाली नर्सिंग भर्ती परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर नर्सिंग स्टाफ 25 मई से 31 मई तक अपना विरोध काला फीता बांधकर जताएंगे और यदि परीक्षा रद्द नहीं की गई तो वह सामूहिक रूप से परीक्षा अवकाश पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदर्शन कर रहीं स्टाफ नर्सों का कहना है कि चिकित्सा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2621 पदों पर स्टाफ नर्स की प्रस्तावित परीक्षा जून में आयोजित होनी है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी नर्सें परीक्षा देने में समर्थ नहीं हैं। बताया कि कई स्टाफ कोरोना संक्रमित हैं, ऐसे में परीक्षा होने से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
वहीं, पीएम मोदी ने हाल ही में कहा था कि जो लोग कोविड महामारी काल में 100 दिन कार्य करेंगे उन्हें स्थायी नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी के आधार पर स्टाफ नर्सों को भी नौकरी में स्थायी करना चाहिए। इसके अलावा स्टाफ नर्स की भर्ती में डिग्री धारकों को शामिल करना न्यायोचित नहीं है। इससे डिप्लोमाधारी व अनुभवी नर्सों के बजाया परीक्षा में ज्यादा सम्भावना डिग्रीधारकों के निकलने की है। इस नियम को पहले जैसा रखना चाहिए।
उन्होंने कार्य अनुभव और वरीष्ठता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया कराने को कहा। साथ ही कोरोना काल को देखते हुए नर्सिंग परीक्षा को रदद् करवाने का कष्ट करने के लिए कहा। कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली दिक्कतों के लिए शासन पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।
