बरेली: इंसानियत खौफजदा, चीत्कार करती मानवता…मास्क नहीं पहना तो ठोक दीं युवक के हाथ-पैरों में कीलें

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बरेली, अमृत विचार। मास्क न लगाने पर पुलिस ने युवक को पहले तो सरेराह पीटा और फिर उसे पुलिस चौकी ले जाकर तालिबानी सजा दे दी। पुलिस ने निर्ममता की हदे पार करते हुए उसके हाथ-पांव में कीले ठोक दी। पुलिस की अमानवीयता देख बुधवार को युवक चौकी से भागकर एसएसपी ऑफिस पहुंचकर अपनी जान …

बरेली, अमृत विचार। मास्क न लगाने पर पुलिस ने युवक को पहले तो सरेराह पीटा और फिर उसे पुलिस चौकी ले जाकर तालिबानी सजा दे दी। पुलिस ने निर्ममता की हदे पार करते हुए उसके हाथ-पांव में कीले ठोक दी। पुलिस की अमानवीयता देख बुधवार को युवक चौकी से भागकर एसएसपी ऑफिस पहुंचकर अपनी जान की गुहार लगायी। पीड़ित युवक ने हाथ-पांव में ठुकी हुई कीले एसएसपी साहब को दिखायी। लेकिन वहां सबकुछ देखने के बाद एसएसपी साहब का ना दिल का दिल पसीजा और ना ही युवक को न्याय मिला।

वहीं पूछने पर पुलिस वालों ने बताया कि युवक के आरोप फर्जी है। इससे पहले भी वह मूर्ति तोड़ने के मामले में जेल जा चुका है। मामला बारादरी के जोगी नवादा का है। यहां कि निवासी शीला देवी ने बताया कि उनका बेटा रंजीत 24 मई की रात 10 बजे के लगभग घर आ रहा था। इसी बीच तीन पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को बिना मास्क के मुल्ला जी की दुकान के बाहर से पकड़ लिया और गाली गलौज करते हुए सरेराह पीटा। इसके बाद वह उसे जबरन चौकी ले गए।

जब यह बात परिवार को पता चली तो वह लोग रात में ही चौकी पर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उन्हें बताया कि उनके बेटे को कहीं भेजा है। रात में उनका बेटा घर नहीं लौटा। मंगलवार की शाम तक उसका पता नहीं चला। बुधवार सुबह शीला बेटे रंजीत के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची और उसके बेटे के हाथ पांव में कीले ठुकी हुई थी। पीड़िता की शिकायत पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मामले की जांच के आदेश दिए है और कहा है कि यदि आरोप सही जाए जाते है तो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दर्ज है मारपीट और भागने का मुकदमा
पुलिस ने रंजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है कि वह महामारी फैलाने की नियत से घूम रहा था। टोकने पर उसने सिपाही के साथ मारपीट की और उसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बांधा डालने के साथ मारपीट की धाराओं में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

चौकी से भागा था रंजीत
पुलिस के तीन लोग उसे मारपीट के बाद चौकी ले गई थी। वहां पर उसे कमरे में बंद कर दिया गया। उसके बाद पुलिसवाले रात में अपने काम से चले गए। इसी बीच रंजीत कमरे का पिछला दरवाजा खोलकर वहां से फरार हो गया। जबकि पुलिसकर्मी बोल रहे है कि उसे गिरफ्तार ही नहीं किया गया।

पहले भी जा चुका है जेल
आरोपी रंजीत पहले भी जेल जा चुका है। उसने कुछ समय पहले जोगी नवादा स्थित एक मंदिर की मृर्तियां तोड़ दी थी। इसके बाद जब वहां पर पुलिस पहुंची तो वह उनके साथ मारपीट करने लगा। इससे तब वहां पर हंगामा कट गया था। तब पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था।

युवक के लगाए गए आरोप गलत पाए गए है। उसने पुलिस से मारपीट की थी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया था। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है। दोष पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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