बंगाल के कल्याण के लिए छू सकती हूं मोदी के पैर: ममता

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Edited By Amrit Vichar
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कोलकाता। भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर “बदले की राजनीति” का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को बुलाने के फैसले को वापस ले और वरिष्ठ नौकरशाह को कोविड-19 संकट के दौरान लोगों के लिए काम करने की इजाजत …

कोलकाता। भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर “बदले की राजनीति” का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को बुलाने के फैसले को वापस ले और वरिष्ठ नौकरशाह को कोविड-19 संकट के दौरान लोगों के लिए काम करने की इजाजत दे।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनकी सरकार के लिये हर कदम पर मुश्किल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे अब भी विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार को पचा नहीं पाए हैं। बनर्जी ने आगे कहा कि अगर बंगाल की वृद्धि और विकास के लिये उनसे मोदी के चरण छूने को कहा जाएगा तो वह इसके लिये तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “क्योंकि आप (मोदी और शाह) भाजपा की हार (बंगाल में) पचा नहीं पा रहे हैं, आपने पहले दिन से हमारे लिये मुश्किलें खड़ी करनी शुरू कर दी। मुख्य सचिव की क्या गलती है? कोविड-19 संकट के दौरान मुख्य सचिव को वापस बुलाना दिखाता है कि केंद्र बदले की राजनीति कर रहा है।”

चक्रवात से हुए विनाश पर प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में मौजूद नहीं रहने के कारण हो रही आलोचना के बारे में बनर्जी ने कहा, “यह बैठक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली थी। भाजपा नेताओं को इसमें क्यों बुलाया गया?” उन्होंने दावा किया कि बीते कुछ दिनों के दौरान चक्रवात का सामना करने वाले राज्यों गुजरात और ओडिशा में हुई ऐसी ही समीक्षा बैठकों में विपक्ष के नेताओं को शामिल नहीं किया गया था।

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