बरेली: ‘दो बूंद जिंदगी की’ से वंचित हो रहे अधिक मासूम
बरेली, अमृत विचार। एक भी बच्चा छूटा तो समझो सुरक्षा चक्र टूटा। पोलियो को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार की तरफ से चलाए जा रहे अभियानों के दौरान इस प्रेरक वाक्य का इस्तेमाल लोगों को जागरुक करने के लिए लगातार कई वर्षो से किया जाता रहा है। जिससे प्रेरित होकर लोग अपने नवजात …
बरेली, अमृत विचार। एक भी बच्चा छूटा तो समझो सुरक्षा चक्र टूटा। पोलियो को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार की तरफ से चलाए जा रहे अभियानों के दौरान इस प्रेरक वाक्य का इस्तेमाल लोगों को जागरुक करने के लिए लगातार कई वर्षो से किया जाता रहा है। जिससे प्रेरित होकर लोग अपने नवजात शिशु को पोलियो की खुराक दिलाये और अपने बच्चों को विकलांग होने से बचाएं। अफसोस, कि इस बार कोरोना संक्रमण के कहर ने नवजात शिशुओं के सुरक्षा चक्र तोड़ दिया।
जनवरी माह से अब तक पल्स पोलियो अभियान चलाया ही नहीं गया। लगभग दस हजार से अधिक बच्चों को दो बूंद जिंदगी की खुराक मिल ही नहीं पाई। पोलियो को जड़ से खत्म करने के लिए पल्स पोलियो अभियान लंबे समय से चल रहा है। इसके तहत बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दो बूंद दवा पिलाई जाती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया कि अभियान के तहत एक दिन बूथ दिवस का आयोजन होता है। इस दिन पूरे जिले में अलग-अलग स्थानों पर पोलियो ड्राप पिलाने के लिए बूथ बनाए जाते हैं, तो बूथ दिवस के अगले दिन से घर घर जाकर पोलिया ड्राप पिलाने का अभियान एक सप्ताह तक चलता है। जनपद में 31 जनवरी को पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ दिवस मनाया गया था। इसके बाद सात फरवरी तक घर घर दस्तक देकर पोलियो ड्राप पिलाने का अभियान चला।
इस दौरान जनपद में सात लाख पांच हजार से अधिक बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई। अभियान के तहत अप्रैल में फिर से पोलियो ड्राप पिलाई जानी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण यह अभियान चलाया ही नहीं गया। नतीजा ये हुआ कि पूरे मंडल में सात लाख से अधिक बच्चों को पोलिया ड्राप नहीं पिलाई जा सकी।
27 जून को बूथ दिवस की तैयारी
पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है। ऐसे में पल्स पोलियो अभियान दोबारा चलाने को लेकर स्वास्थ्य महकमे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि 27 जून को पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ दिवस आयोजित किया जाएगा। इसको लेकर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के टीकाकरण विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक को पत्र भी भेज दिया है।
बदलाव न हुआ तो जून में बूथ दिवस होगा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया कि आला अफसरों ने 27 जून को पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ दिवस का आयोजन करने की तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घर घर दस्तक देकर भी अभियान चलाए जाने की तैयारी करने को कहा गया है। बदलाव न हुआ तो 27 जून को बूथ दिवस होगा।
