बरेली: शिक्षकों को एक दिन का वेतन देने में आपस में भिड़े शिक्षक संगठन

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बरेली, अमृत विचार। पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत हुए शिक्षकों की आर्थिक मदद के लिए शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षक संघ आगे आया। ऐलान किया कि प्रदेश के सभी शिक्षक अपने एक-एक दिन का वेतन मृत शिक्षकों के परिवार को देंगे। इसके लिए उन्होंने शासन को भी पत्र लिखा था। लेकिन अगले ही …

बरेली, अमृत विचार। पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत हुए शिक्षकों की आर्थिक मदद के लिए शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षक संघ आगे आया। ऐलान किया कि प्रदेश के सभी शिक्षक अपने एक-एक दिन का वेतन मृत शिक्षकों के परिवार को देंगे। इसके लिए उन्होंने शासन को भी पत्र लिखा था। लेकिन अगले ही दिन जिले के अन्य शिक्षक संगठन उनके विरोध में आ गए। कहने लगे कि वह प्राथमिक शिक्षक संघ के फैसले से सहमत नहीं। बात तब और बड़ी जब अन्य संगठनों ने शिक्षक संघ पर आरोप भी लगाना शुरू कर दिए।

सभी शिक्षक संगठनों ने मिलकर अपनी एक बैठक बुलाकर संघ के फैसले पर चर्चा की। मामले में यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) का कहना है कि वह प्राथमिक शिक्षक संघ के फैसले से सहमत नहीं है। यूटा के जिलाध्यक्ष भानू प्रताप ने आरोप लगाया कि प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अपना इस्तीफा बचाने के लिए सरकार के साथ मिलकर ऐसा कर रहे है।

आरोप था कि संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने मृत शिक्षकों को अनुग्रह राशि नहीं दिलाने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। वहीं, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा का कहना है कि वह भी प्राथमिक शिक्षक संघ के फैसले को स्वीकार नहीं करते।

उनका कहना है कि जिस भी शिक्षक को अंशदान करना होगा वह टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) से आसानी से कर सकते है। इतना ही नहीं टीईटी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद चौहान का कहना है कि प्राथमिक शिक्षक संघ के वेतन कटौती से केवल 5 लाख रुपये से भी कम एकत्र होगा।

उन्होंने लेखाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि किसी भी शिक्षक की बिना अनुमति उसका वेतन न काटा जाए। वहीं इन तमाम शिक्षक संगठनों के बारे में प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार का कहना है कि जो शिक्षक संगठन विरोध कर रहे है उनका कोई बजूद नहीं है। वह सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा कर रहे है। संगठन ने प्रदेश स्तर पर इसका फैसला लिया है। जिससे मृत शिक्षकों के परिवार के कुछ आंसूओं को पोंछा जा सके।

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