रोजगार पर ध्यान दें
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। अच्छी बात है कि कुछ दिनों से नए संक्रमितों के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को कोविड-19 के एक दिन में 1.65 लाख मामले आए, जो 46 दिनों में संक्रमण के सबसे कम मामले हैं। दैनिक संक्रमण …
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। अच्छी बात है कि कुछ दिनों से नए संक्रमितों के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को कोविड-19 के एक दिन में 1.65 लाख मामले आए, जो 46 दिनों में संक्रमण के सबसे कम मामले हैं। दैनिक संक्रमण दर गिरकर करीब आठ प्रतिशत रह गई जो लगातार पांचवें दिन 10 प्रतिशत से कम है।
कोरोना की दूसरी लहर के धीमी पड़ने के साथ ही देश में रोजगार पर फोकस करने की जरूरत है। इस महामारी में देश में लगभग सवा तीन लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह सरकारी आंकड़ा है। हालांकि इस आंकड़े को शक की दृष्टि से भी देखा जा रहा हैं। लाखों परिवारों के सामने जीविकोपार्जन के साधन का संकट आ गया है। हालांकि अभी कोरोना वायरस संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में सरकार लगी हुई है।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि राष्ट्र अपनी पूरी ताकत के साथ कोविड-19 से लड़ रहा है। विशेषज्ञ यह भी मानकर चल रहे हैं कि कोरोना अब कई पीढ़ियों तक साथ रहेगा। तीसरी लहर के आने की आशंका भी जताई जा रही हैं। इससे संभव है कि अब बार-बार कोरोना संक्रमण की लहर आती रहेगी। देश में कोरोना के विभिन्न वैरिएंट्स होने तथा तीसरी लहर और अधिक घातक होने की बातें सामने आ रही हैं। कोरोना की तीसरी संभावित लहर का सामना करने की प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।
कोरोना ने लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर किया है। देश की बड़ी आबादी को अब रोटी-रोजी की लड़ाई लड़नी पड़ेगी। अब केंद्र एवं राज्य सरकारों को भी रोजगार पर फोकस करना होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ रोजगार को तुरंत धरातल पर उतारने की जरूरत है। देश की आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी। बाजार को खुले रूप में आगे बढ़ने के लिए छूट देनी होगी ताकि वे तेजी से आगे बढ़ सकें और विभिन्न स्तरो पर रोजगार सृजन करने होंगे।
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कोरोना के कष्टदायी काल के बाद अच्छे टर्न ओवर वाले व्यवसायी भी किराया, बिजली बिल आदि के नियमित खर्च चुकाने की स्थिति में नहीं रहे हैं। इन्हें भी विशेष मदद की जरूरत है। कोरोना संक्रमण की भविष्य की संभावित लहरों व वर्तमान स्थिति को देखते हुएअब ऐसा रास्ता निकालने की जरुरत है, ताकि आने वाले समय में रोजगार प्रभावित न हो।
