सीतापुर: छप्पर के विवाद में दो पक्षों में फायरिंग, युवक की मौत, छह घायल
मिश्रिख (सीतापुर)। छप्पर रखने के विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दो पक्षों में हुई क्रास फायरिंग में छह अन्य लोग जख्मी हुए हैं। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। वारदात रविवार देर रात की बताई जा रही है। घटना की खबर पाकर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच …
मिश्रिख (सीतापुर)। छप्पर रखने के विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दो पक्षों में हुई क्रास फायरिंग में छह अन्य लोग जख्मी हुए हैं। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। वारदात रविवार देर रात की बताई जा रही है। घटना की खबर पाकर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र में रविवार देर रात मालिकयानपुर गांव में छप्पर रखने के विवाद में दो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। गोलियों की आवाजों से इलाका थर्रा उठा। फायरिंग व लाठी-डंडे चलने से जख्मी हुए में राम संजीवन (32) पुत्र महिपाल की मौत हो गई है, जबकि हिमांचल, अनिल, वेदनाथ, तेजपाल जख्मी हो गए।
इनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूसरे पक्ष के गया प्रसाद के बेटे नीरज और सोहन घायल हुए हैं। उन्हें भी जिला अस्पताल लाया गया है। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले यह दोनों पक्ष के लोग रास्ते के विवाद के मामले में थाने में आए थे। लगभग पूरे दिन थाने में बैठे रहे। बीट दरोगा राजकुमार वर्मा इस मामले में कोई खास सक्रियता नहीं दिखाई थी।
जिसके परिणाम स्वरूप रविवार रात एक बार फिर गांव में दोनों पक्ष एक-दूसरे के फिर सामने आ गए और अवैध असलहों से एक दूसरे पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग की है। साथी लाठियां भी चली है। घटना की जानकारी पाकर मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी नरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ मिश्रिख महेंद्र प्रताप सिंह व कोतवाली प्रभारी मनोज यादव समेत भारी पुलिस बल पहुंचा है। हालांकि पुलिस फायरिंग की बात से इंकार कर रही है।
सीओ बोले, गोली नहीं लाठी डंडे से हुआ मारपीट
सीओ महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि छप्पर रखने को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले थे। मारपीट में एक युवक की मौत हो गई। छह अन्य लोग घायल हुए हैं। उनका इलाज कराया गया है। घटना में गोली नहीं चली है। पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है। रविवार को विवाद का मामला जानकारी में आने पर दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति के खिलाफ 151 के तहत कार्रवाई की गई थी।
