खतरा अभी टला नहीं
महामारी के कारण प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू की वजह से जन जीवन ठप पड़ा था। लगातार हो रही मौतों को लेकर लोग डरे हुए थे। लॉकडाउन के बाद कोरोना मरीजों की संख्या में कुछ गिरावट आई। वहीं मौतों का आंकड़ा भी कम हुआ है। संक्रमण की रफ्तार कुछ हद तक थमने के बाद प्रदेश …
महामारी के कारण प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू की वजह से जन जीवन ठप पड़ा था। लगातार हो रही मौतों को लेकर लोग डरे हुए थे। लॉकडाउन के बाद कोरोना मरीजों की संख्या में कुछ गिरावट आई। वहीं मौतों का आंकड़ा भी कम हुआ है। संक्रमण की रफ्तार कुछ हद तक थमने के बाद प्रदेश सरकार ने करीब एक माह बाद रविवार को प्रदेश के 55 जिलों में छूट के साथ बाजार खोलने की अनुमति दी थी। सोमवार को इन जिलों की फेहरिस्त में छह और जिलों का नाम जुड़ गया है।
मंगलवार से 61 जिलों को अब पाबंदियों से फौरी राहत मिलेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य में कोरोना की पाजिटिविटी दर घटकर अब मात्र 0.5 फीसदी रह गयी है, वहीं स्वस्थ हो रहे मरीजों की संख्या के मद्देनजर रिकवरी रेट 96.6 प्रतिशत हो चुका है। इसके बाद आम जनजीवन को पटरी पर लाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। संक्रमण के मामलों में काफी कमी आई है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि खतरा टल गया है।
आज हम ऐसे नाजुक मोड़ पर खड़े हैं कि जरा सी भी लापरवाही एक बार फिर से तबाही के रास्ते पर धकेल सकती है। ऐसे में लोगों को पीछे मुड़कर देखना जरूरी हैं। दूसरी लहर ने देश में जिस तरह से कहर बरपाया है, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पिछले सप्ताह तक देश में संक्रमितों का प्रतिदिन का आंकड़ा चार लाख के ऊपर निकल गया था। इसी के बाद लोगों को एक बार फिर से लाकडाउन जैसे प्रतिबंध की मार झेलने को मजबूर होना पड़ा।
पिछली बार एक साथ बाजार खोल देने से भीड़ बढ़ने लगी थी। इससे इस बार सबक लेना होगा। जिन जिलों में ढील दी गई है, वहां कोरोना का फैलाव रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। हालांकि दूसरी लहर में हुई दुश्वारियों के बाद लोगों में कोरोना का डर बना हुआ है। लोग खुद भी चिंतित और सतर्क हैं। सरकार की चिंता है कि लोगों को महामारी से भी बचाना है और अर्थव्यवस्था को भी रास्ते पर लाना है। छोटे उद्योग शीघ्र पटरी पर आएं, क्योंकि राज्य की आमदनी का बड़ा हिस्सा इनसे मिलने वाले करों से आता है।
लोगों को खुद के साथ ही अपने परिवार के हर सदस्य को कोरोना के प्रति सतर्कता रखनी होगी। खासकर घर से निकलने पर मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। ध्यान देना होगा कि इस बार लापरवाही या चूक हुई तो महामारी से जंग जीतना मुश्किल हो जाएगा।
