भारत में पाकिस्तान से ज्यादा बेरोजगारी, 8.80 प्रतिशत पहुंची दर

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संजय सिंह, अमृत विचार। भारत में बेरोजगारी की स्थिति पड़ोसी देशों से भी बदतर हो गई है। जबकि कोरोना महामारी ने भारत को सर्वाधिक बेरोजगारी वाले गरीब अफ्रीकी देशों की लाइन में खड़ा करने का खतरा पैदा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी के मामले में इस समय भारत की …

संजय सिंह, अमृत विचार। भारत में बेरोजगारी की स्थिति पड़ोसी देशों से भी बदतर हो गई है। जबकि कोरोना महामारी ने भारत को सर्वाधिक बेरोजगारी वाले गरीब अफ्रीकी देशों की लाइन में खड़ा करने का खतरा पैदा कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी के मामले में इस समय भारत की स्थिति अपने गरीब पड़ोसी देशों -बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका से भी गई गुजरी है। जहां इस समय भारत में बेरोजगारी की दर 8.80 फीसद है। वहीं बांग्लादेश में केवल 5.3 फीसद है। इसी तरह पाकिस्तान में बेरोजगारी दर 4.65 फीसद और श्रीलंका में 4.84 फीसद है। चीन में केवल 5 फीसद लोग बेरोजगार हैं।

अमेरिका को छोड़, जहां पिछले साल बेरोजगारी दर भारत से ज्यादा (8.31 फीसद) रही है, ब्रिटेन व जर्मनी जैसे पश्चिम के विकसित देशों में भी भारत से कम (क्रमशः 4.34 व 4.31 फीसद) बेरोजगारी दर है।

वर्ष 1991 के बाद पहली बार भारत में इतनी अधिक बेरोजगारी देखने को आ रही है। कोरोना ने आर्थिक गतिविधियों पर इतनी बुरी तरह कुठाराघात किया है कि यदि जल्द ही उपाय नहीं किए गए तो भारत में बेरोजगारी दर अफगानिस्तान, ईरान, इटली, अर्जेंटीना, मोरक्को, सूडान, तुर्की, जाम्बिया, यमन, इराक और ब्राजील की तरह खतरनाक रूप धारण कर सकती है। इन देशों में बेरोजगारी दर इस समय 9.5 फीसद से लेकर 14.7 फीसद तक है।

दरअसल, हाल में आई रिपोर्टों से इस आशंका को बल मिला है। इनमें एक रिपोर्ट सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) की है। जिसमें कहा गया है कि 2020 में कोरोना की पहली लहर के बाद भारत में बेरोजगारी की दर 2019 के 7.11 फीसद से बढ़कर 7.11 फीसद पर पहुंच गई थी। जबकि इस साल आई दूसरी लहर के बाद मई में इसके 8.80 फीसद पर पहुंचने का अनुमान है।

सेंटर ने चेतावनी दी है कि यदि आर्थिक गतिविधियां जल्द नहीं सुधरीं और गांवों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया तो मई के अंत तक बेरोजगारी की दर दो अंकों को पार कर 14.7 फीसद तक जा सकती है। क्योंकि गावों में बेरोजगारी दर पहले ही 9.7 फीसद पर पहुंच चुकी है।

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