कोरोना ने लगाया परीक्षाओं पर ब्रेक, सीबीएसई के बाद अब यूपी बोर्ड की भी 12वीं की परीक्षाएं रद

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लखनऊ। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं भी बृहस्पतिवार को रद कर दी गईं। सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस …

लखनऊ। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं भी बृहस्पतिवार को रद कर दी गईं। सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस सिलसिले में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया।

बैठक में प्रदेश के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने खुद भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ”कोविड-19 महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यूपी बोर्ड ने निर्णय लिया है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा।”

यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा के लिए 26 लाख परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पिछले महीने यूपी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा भी निरस्त कर दी थी। हाई स्कूल के 30 लाख परीक्षार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द करने पर सहमति बनी थी। उसके बाद यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा निरस्त किए जाने की संभावना प्रबल हो गई थी।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं निरस्त होने के बाद कई अन्य राज्यों ने भी अपने-अपने यहां की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दीं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर जो चिंता है उसे दूर किया जाना चाहिए। ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। सभी हितधारकों को छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरुरत है।

उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा कराने की तैयारी पूर्ण कर ली गई थी, परंतु छात्रों व शिक्षकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की प्राथमिकता के दृष्टिगत वर्ष 2021 की हाईस्कूल की परीक्षा पूर्व में निरस्त की गई थी तथा आज वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की परीक्षा भी निरस्त कर विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का अहम निर्णय लिया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इण्टरमीडिएट की निरस्त हुयी परीक्षा के परीक्षाफलों को सम्बन्धित परीक्षार्थियों के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों एवं उनके कक्षा-11 के वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों के औसत के आधार पर तैयार कराया जायेगा। यदि कक्षा-11 के वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे तब उस स्थिति में कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों को लिया जायेगा।

इंटरमीडिएट के जिन संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उपर्युक्त प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें सामान्य रूप से प्रमोट कर दिया जायेगा तथा केवल कक्षोन्नति का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इंटरमीडिएट की वर्ष 2021 की परीक्षा के सभी रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों को आगामी इण्टरमीडिएट परीक्षा में अपनी इच्छा के अनुसार एक विषय में अथवा अपने सभी विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने अंको में सुधार करने का अवसर प्राप्त होगा तथा यह अंक वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की परीक्षा के अंक ही माने जाएंगे।

डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईस्कूल की निरस्त हुयी परीक्षा के परीक्षाफलों को सम्बन्धित परीक्षार्थियों के कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों एवं उनके कक्षा-10 के प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों के औसत के आधार पर तैयार कराया जायेगा। हाईस्कूल के जिन संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उपर्युक्त प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हे सामान्य रूप से कक्षा-11 में प्रमोट कर दिया जायेगा।

वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के सभी रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों को आगामी हाईस्कूल परीक्षा में अपनी इच्छा के अनुसार, एक विषय में अथवा अपने सभी विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने अंको में सुधार करने का अवसर प्राप्त होगा तथा यह अंक वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के ही अंक माने जाएंगे।

डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि इस महत्वपूर्ण निर्णय से हाई स्कूल के 29.94 लाख तथा इंटरमीडिएट के 26.10 लाख परीक्षार्थी लाभान्वित होंगे। अब नव प्रोन्नत छात्र अपनी अगली कक्षा के पठन-पाठन पर पूर्ण मनोयोग से ध्यान दे सकते हैं,और सत्र नियमितीकरण के अंतर्गत अगली कक्षा में ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ की जा सकती है तथा कक्षा बारहवीं के उत्तीर्ण छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने में सुलभता रहेगी।

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