बुलंदशहर में बिना वैक्सीनेशन के दुकानें नहीं खोल सकेंगे लोग
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। पुलिस ने ई-रिक्शा चलाने वाले और व्यापारियों को लॉकडाउन हटने पर अपनी-अपनी दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन इसके साथ ही कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। बुलंदशहर पुलिस ने मार्केट में घूम-घूम कर व्यापारियों से अपील की है कि जिनकी …
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। पुलिस ने ई-रिक्शा चलाने वाले और व्यापारियों को लॉकडाउन हटने पर अपनी-अपनी दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन इसके साथ ही कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। बुलंदशहर पुलिस ने मार्केट में घूम-घूम कर व्यापारियों से अपील की है कि जिनकी उम्र 45 साल से अधिक है और जिन्होंने कोरोना वायरस का टीका लगवा लिया है, सिर्फ उन्हीं लोगों को लॉकडाउन हटने पर अपनी-अपनी दुकानें खोलनी की अनुमति दी जाएगी। सभी को कोविड नियमों का पालन करना होगा।
इसके साथ ही पुलिस ने ये चेतावनी भी दी है कि जिन व्यापारियों की उम्र 45 साल अधिक है और जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है, उन्हें प्रतिष्ठान पर बैठने नहीं दिया जाएगा। दरअसल, उत्तर प्रदेश में अभी भी कोरोना वायरस के रोज सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। साथ ही कई मरीजों की मौत भी हो रही है। यही वजह है कि पुलिस ने यह फैसला लिया है।
बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,092 नए मामले
यूपी में कोरोना को कंट्रोल करने का योगी मॉडल कामयाब साबित हुआ है। टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की नीति से कोरोना को नियंत्रित करने में कामयाबी मिली है।यही कारण है कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,092 नए मामले आए है जबकि 120 लोगों की मृत्यु दर्ज़ की गई। वहीं, तीन लाख नौ हजार टेस्ट किए गए हैं। प्रदेश में अब सक्रिय मामलों की संख्या भी 19431 रह गई है। वहीं, रिकवरी दर 97।6 प्रतिशत रह गई है जबकि कोरोना पॉजिटिविटी दर 0।3 प्रतिशत है।
30 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार मामले आये थे सामने
बता दें कि प्रदेश में 30 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार मामले आए थे। विशेषज्ञों ने हर रोज एक लाख से ज्यादा मामले आने की आशंका जताई थी लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सतत निगरानी और टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट के फार्मूले के साथ माइक्रो मैनेजमेंट कर संक्रमण पर काबू पाने में कामयाबी मिली है।
