बरेली: पहले प्रशिक्षण फिर गांव का विकास कराएंगे ‘प्रधान जी’
बरेली, अमृत विचार। इस बार नवनिर्वाचित प्रधानों को जिला या ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण नहीं दिया जायेगा। नवनिर्वाचित प्रधानों को गांव की तस्वीर बदलने व किन कार्यों पर प्राथमिकता दी जानी है इसको लेकर पहली बार लखनऊ में आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रधानों को निधि खर्च से लेकर विकास कार्यों तक के गुर …
बरेली, अमृत विचार। इस बार नवनिर्वाचित प्रधानों को जिला या ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण नहीं दिया जायेगा। नवनिर्वाचित प्रधानों को गांव की तस्वीर बदलने व किन कार्यों पर प्राथमिकता दी जानी है इसको लेकर पहली बार लखनऊ में आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रधानों को निधि खर्च से लेकर विकास कार्यों तक के गुर सिखाए जाएंगे ताकि ग्राम पंचायतों का चहुमुखी विकास हो। शहरी तर्ज पर कई तरह की सुविधाओं को लेकर भी विशेष प्रशिक्षण दिये जाने की बात कही गई है।
शासन के निर्देश पर पंचायती राज विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने व कई प्रधानों के शपथ नहीं ले पाने की वजह से तिथि निर्धारित नहीं हुई है। अफसरों का कहना है सभी प्रधानों की शपथ ग्रहण के बाद प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रदेश में यह पहला मौका है, जब प्रधानों को लखनऊ बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मालूम हो कि जिले में कुल 1193 ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए। शुरुआत के 20 दिन कोरोना के चलते शपथ नहीं हो सकी। इसके बाद 20 मई को सरकार ने शपथ ग्रहण के आदेश किए। तय हुआ जिन पंचायतों में दो तिहाई ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम होगा, वहीं शपथ ग्रहण कराई जाएगी। इस आदेश से कुल 741 प्रधानों ने शपथ ली। वहीं, 452 प्रधान शपथ ग्रहण से वंचित रह गए।
अब इन पंचायतों में भी ग्राम पंचायत सदस्यों के पदों को भरने के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। छह जून से इस प्रक्रिया की शुरुआत होगी। इसी ध्यान में रखते हुए तैयारी चल रही है। 14 जून को इनके परिणाम आ जाएंगे। इसके बाद तत्काल इन पंचायतों में भी शपथ ग्रहण होगी।
“पहले जिला व ब्लाक स्तर पर ही नवनिर्वाचित प्रधानों को प्रशिक्षण दिया जाता था। लेकिन इस बार व्यवस्था में बदलाव किया है। पहली बार लखनऊ में सभी प्रधानों को प्रशिक्षण देने की तैयारी है, हालांकि अभी कोई आदेश नहीं आया है। सभी की शपथ होने के बाद ही आदेश आने की संभावना है।” -धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ
