रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह बोले-मेरे साथ भी हो सकता है गाड़ी पलटने जैसा हादसा
लखनऊ/उन्नाव। ‘मेरे साथ भी गाड़ी पलटने जैसा हादसा हो सकता है।’ यह बात रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने मंगलवार को बयान दर्ज कराने के बाद मीडिया से मुखातिब होने पर कहीं। गंगा में लाशें बहाए जाने के ट्वीट पर सूर्य प्रताप सिंह पर सदर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में उन्हें बयान …
लखनऊ/उन्नाव। ‘मेरे साथ भी गाड़ी पलटने जैसा हादसा हो सकता है।’ यह बात रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने मंगलवार को बयान दर्ज कराने के बाद मीडिया से मुखातिब होने पर कहीं। गंगा में लाशें बहाए जाने के ट्वीट पर सूर्य प्रताप सिंह पर सदर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में उन्हें बयान दर्ज कराने का नोटिस जारी हुआ था। वह उन्नाव जिले के सीमावर्ती थाने सोहरामऊ में पहुंचे। जहां विवेचक ने उनके बयान दर्ज किए। जिसके बाद वह वापस लखनऊ रवाना हो गए।
मंगलवार दोपहर अपने वकीलों के साथ सोहरामऊ थाने पहुंचे रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह से विवेचक रणधीर सिंह ने तकरीबन 15 मिनट सवाल-जवाब कर उनके बयान दर्ज किए। थाने से निकलने के बाद मीडिया से रूबरू हुए सूर्य प्रताप ने कहा वह बिना किसी प्रकार की राजनीति के सरकार को आइना दिखाने का काम करते रहेंगे। उनकी सरकार के कोई दुश्मनी नहीं है।
खुद की सुरक्षा की जताई चिंता
उन्होंने कहा कि बीते एक साल में सरकार ने उन पर छह मुकदमें दर्ज कराए हैं लेकिन इस दमनात्मक कार्रवाई से पीछे हटने वाला नहीं हूं। उन्होंने कहा कि सरकार मुझे गिरफ्तार कराए, चाहे फांसी पर चढ़वा दे लेकिन जहां कमी नजर आएगी, मैं आवाज उठाता रहूंगा। उन्होंने खुद की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि मेरे साथ भी गाड़ी पलटने जैसा हादसा हो सकता है।
उन्होंने स्वयं को कानून में विश्वास रखने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि मैंने इस मामले में स्टे ले रखा है, बावजूद इसके पुलिस मेरे घर पहुंची। इसके बाद मुझे नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया गया।
बता दें कि कोरोना से हो रही मौतों के दौरान रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने जिले में गंगा नदी में शवों के बहाए जाने सम्बन्धी ट्वीट किया था। इस मामले का संज्ञान लेते हुए सदर कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमे बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें नोटिस जारी हुआ था।
