कृषि मंत्री के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- घमंड के सिंहासन से उतरिए राजहठ छोड़िए

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान को लेकर बुधवार को उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करना ही किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे का एकमात्र समाधान है। एक दिन पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने तोमर मंगलवार …

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान को लेकर बुधवार को उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करना ही किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे का एकमात्र समाधान है। एक दिन पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने तोमर मंगलवार को मध्य प्रदेश में कहा था कि सरकार आंदोलनकारी किसानों के साथ कृषि कानूनों को निरस्त करने के अलावा अन्य विकल्पों पर बात करने को तैयार है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन के दौरान 500 किसानों की मौत होने के दावे वाले हैशटैग के साथ ट्वीट किया, ”खेत-देश की रक्षा में तिल-तिल मरे हैं किसान, पर ना डरे हैं किसान, आज भी खरे हैं किसान।”

कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने तोमर के बयान को लेकर कहा, ”किसान को भीख नहीं, न्याय चाहिए। किसान को अहंकार नहीं, अधिकार चाहिए । घमंड के सिंहासन से उतरिए, राजहठ छोड़िए, तीनों काले क़ानून ख़त्म करना ही एकमात्र रास्ता है।”

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि तोमर का बयान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अहंकारी रुख’ को दिखाता है। उन्होंने सवाल किया, ”अगर किसान कानूनों के बारे में बात नहीं करेगा तो किस बारे में बात करेगा? प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहती हूं कि क्या वह तोमर की बात का समर्थन करते हैं?”

उन्होंने कहा, ”हमारी मांग है कि नरेंद्र तोमर जी को कृषि मंत्री पद के इस्तीफा देना चाहिए। तीनों कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए क्योंकि इसके अलावा कोई दूसरा समाधान नहीं हो सकता।”

गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से कई किसान संगठन दिल्ली के निकट कुछ स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने की है।

संबंधित समाचार