रहने वाले हल्द्वानी के, वैक्सीनेशन स्लॉट मिला 55 किमी दूर रामगढ़, पढ़िए पूरी खबर…
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। कोविड-19 का वैक्सीनेशन जनता के लिए एक जंग बन गई है। पहले तो वैक्सीनेशन के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुकिंग किसी युद्ध से कम नहीं है। जैसे-तैसे स्लॉट बुकिंग हो और वैक्सीनेशन का नंबर आ जाए तो वैक्सीनेशन सेंटर देखकर होश उड़ जा रहे हैं। कोविन पोर्टल की तकनीकी खामी …
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। कोविड-19 का वैक्सीनेशन जनता के लिए एक जंग बन गई है। पहले तो वैक्सीनेशन के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुकिंग किसी युद्ध से कम नहीं है। जैसे-तैसे स्लॉट बुकिंग हो और वैक्सीनेशन का नंबर आ जाए तो वैक्सीनेशन सेंटर देखकर होश उड़ जा रहे हैं।
कोविन पोर्टल की तकनीकी खामी से हल्द्वानी के बाशिंदों को यहां से 55 किमी दूर रामगढ़ में सेंटर मिल रहा है। ऐसे में वैक्सीनेशन के लिए लोग टैक्सी बुकिंग का मोटा भाड़ा देकर सेंटर तक पहुंचने को मजबूर है। दिक्कत यहीं नहीं समाप्त हो रही है, जब लोग वैक्सीनेशन के लिए 50 से 80 किमी दूर सेंटर पर पहुंच रहे हैं तो स्टाफ आधार कार्ड हल्द्वानी का देखकर बैरंग लौटा दे रहा है। ऐसी शिकायतें सिर्फ नैनीताल जनपद की नहीं बल्कि ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर की भी आ रही हैं। ऐसे में जनता की वैक्सीनेशन को लेकर दिक्कतें कम नहीं हो रही है। वहीं अफसरों ने इसकी शिकायत पर हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि यह तकनीकी खामी है इसमें विभागीय हस्तक्षेप नहीं है। केस नंबर एक
बाजपुर निवासी एक पत्रकार ने अपने बेटे को वैक्सीन लगाने के लिए स्लॉट में बुकिंग कराई। युवक बाजपुर का रहने वाला था बावजूद इसके उसकी स्लॉट बुकिंग 103 किमी दूर खटीमा हुई। जब वह निर्धारित तिथि पर वैक्सीन लगाने पहुंचा तो उससे कहा गया कि उसका आधार कार्ड बाजपुर का है इसलिए उसको यहां वैक्सीन नहीं लग सकती है। इस पर वह निराश होकर लौट आया।
केस नंबर दो
हल्द्वानी रामपुर रोड निवासी एक दंपति ने 18 से 44 साल की वैक्सीन के लिए ऑनलाइन एप्लाई किया। दंपति का स्लॉट हल्द्वानी से 55 किमी दूर रामगढ़ में बुक हुआ। जब तक वैक्सीनेशन की तिथि आती तब तक उनका स्लॉट 26 किमी दूर चोरगलिया में बुक हुआ। मजबूरी पति-पत्नी वैक्सीनेशन के लिए चोरगलिया गए।
केस नंबर तीन
एक वरिष्ठ अधिकारी के बेटे ने वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया तो उसकी स्लॉट बुकिंग नैनीताल के मल्लीताल फ्लैटस में बने वैक्सीनेशन केंद्र में हुई। इस पर वरिष्ठ अधिकारी ने बेटे को नैनीताल नहीं भेजा।
जिनकी जुगाड़, उन्हें न रजिस्ट्रेशन की जरूरत न स्लॉट बुकिंग का इंतजार
कोविड-19 वैक्सीनेशन में रसूख और जुगाड़ फार्मूला जबरदस्त काम कर रहा है। जिनकी अधिकारियों, नेताओं व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से पहचान है तो उनका वैक्सीनेशन जुगाड़ से हो जा रहा है। ऐसे लोगों को न तो ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है और न ही स्लॉट बुकिंग का इंतजार करना होता है। वे, बस बताए हुए समय पर पहुंचते हैं और हाथोंहाथ मोबाइल से रजिस्ट्रेशन किया जाता है और उनका वैक्सीनेशन हो जाता है।
नैनीताल जनपद में 45 साल से ऊपर के 3.5 लाख और 18 से 44 साल तक के आयुवर्ग को 4.84 लाख लोगों को कोरोना का टीकाकरण होना है।
1- यहां अभी 52516 लोगों को कोरोना टीकाकरण की दोनों डोज मिल चुकी है।
2– 18 से 44 साल आयुवर्ग में अभी तक 40960 लोगों को टीका लगा चुका है।
3- 45 साल से ऊपर के लोगों में 172378 लोगों को कोरोना टीका की पहली डोज मिली है।
फिलहाल के रोजाना औसतन 2500 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगा है।
क्या कहते हैं अफसर
कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन ऑन लाइन होता है इसमें विभागीय अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं होती है। जो लोग जहां की प्राथमिकता देते हैं उनको वहीं का वैक्सीनेशन सेंटर मिलता है। वहीं ऑन स्पॉट वैक्सीनेशन की सुविधा है। इसी के तहत ही लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन के भी कोरोना टीका उपलब्ध होता है।
डॉ. रश्मि पंत, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, नैनीताल
