बरेली: गाड़ी का रेग्युलेटर फटा, आगे बैठे दो मासूम झुलसे
बरेली, अमृत विचार। शाहजहांपुर जिले के हरदोई मोड़ पर शनिवार रात एक टाटा मैजिक का रेग्युलेटर फट गया। धमाके के बाद वाहन से निकले गर्म पानी से आगे बैठे मजदूर के दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए। गंभीर हालत में दोनों को पहले स्थानीय जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां बेहतर इलाज न मिलने पर …
बरेली, अमृत विचार। शाहजहांपुर जिले के हरदोई मोड़ पर शनिवार रात एक टाटा मैजिक का रेग्युलेटर फट गया। धमाके के बाद वाहन से निकले गर्म पानी से आगे बैठे मजदूर के दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए। गंभीर हालत में दोनों को पहले स्थानीय जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां बेहतर इलाज न मिलने पर उन्हें बरेली के जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया। दोनों की हालत नाजुक है।
शाहजहांपुर के जैतीपुर के गांव खेड़ा-बझेड़ा निवासी पवन अपनी पत्नी ममता के साथ हरदोई के एक गांव आशा में ईंट भट्टे पर मजदूरी करता है। बच्चे छोटे हैं। इस कारण साथ में ही रहते हैं। शनिवार रात करीब 12 बजे वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मजदूरी कर घर लौट रहे थे। ईंट भट्टे के ठेकेदार ने मजदूरों को घर तक छोड़ने के लिए टाटा मैजिक मुहैया कराई थी। इसलिए साथी मजदूर भी उसमें सवार थे। रविवार रात युवक टाटा मैजिक में अपने बच्चों रागिनी (6) व राज (5) को लेकर आगे की तरफ बैठा था।
शाहजहांपुर में हरदोई मोड़ के पास टाटा मैजिक का इंजन गर्म होने से उसका रेग्युलेटर फट गया जिसमें से खौलता पानी वाहन में आगे की तरफ बैठे दोनों बच्चों के ऊपर जा गिरा। इससे बच्चे बुरी तरह झुलस गए। आनन-फानन पवन किसी तरह मासूमों को लेकर शहजहांपुर के निजी अस्पताल में पहुंचा। चिकित्सकों ने बच्चों के जले हिस्से पर मरहम लगाकर करीब 3000 हजार रुपए ऐंठ लिए। इलाज में और भी खर्च बताया। पैसे न होने के कारण युवक बच्चों को शाहजहांपुर के जिला अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन वहां भी मासूमों को इंजेक्शन की कमी की वजह से इलाज नहीं मिल सका।
बच्चों की हालत बिगड़ते देख दंपति किसी तरह रुपए का इंतजाम कर बरेली जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां बच्चों का इलाज चल रहा है। पीड़ित का कहना है कि ठेकेदार व गाड़ी चालक दोनों ही अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत करने की भी बात कही।
