बरेली: सिनेमाघरों पर डेढ़ साल से ताले, बंद में खर्चा निकालने के पड़े लाले
बरेली, अमृत विचार। पिछले डेढ़ साल से सिनेमा उद्योग की हालत खस्ता हो चुकी है। कोविड की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है लेकिन सिनेमाघर खोलने को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं जारी हुआ। ऐसे में सिनेमा हाल से अपनी रोजी-रोटी की जुगाड़ करने वाले अपनी परेशानी तक नहीं कह …
बरेली, अमृत विचार। पिछले डेढ़ साल से सिनेमा उद्योग की हालत खस्ता हो चुकी है। कोविड की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है लेकिन सिनेमाघर खोलने को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं जारी हुआ। ऐसे में सिनेमा हाल से अपनी रोजी-रोटी की जुगाड़ करने वाले अपनी परेशानी तक नहीं कह पा रहे।
दूसरी तरफ सिनेमा घर संचालकों की अपनी समस्या है। उनका कहना है कि बिजली के बिल से लेकर कर्मचारियों का वेतन देना भारी पड़ रहा है। सिनेमा हाल बंद हैं ऐसे में कब तक खर्चे निकाल पाएंगे कुछ नहीं कहा जा सकता।
बरेली के अधिकतर सिनेमा हाल पिछले डेढ़ साल से बंद पड़े हैं। कोविड की पहली लहर में छह माह बाद सिनेमा हाल खोलने की अनुमति तो मिली लेकिन बड़ी फिल्मे नहीं होने के कारण संचालकों ने शो नहीं चलाए। हालात ठीक होने के साथ त्योहारों पर बड़ी फिल्में आने का इंतजार कर रहे थे कि कोविड की दूसरी लहर ने दस्तक दे दी।
बरेली में सिनेमा हाल के मैनेजर प्रदीप सिंघल ने बताया कि सिंगल स्क्रीन की अगर बात करें तो स्थिति बेहद खराब है। उनके यहां पहले 30 से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे लेकिन अब केवल पांच हैं। पिछले डेढ़ साल से कोई शो नहीं चलाया। बंद सिनेमा हाल के बावजूद 25 से 35 हजार बिजली का चार्ज दे रहे हैं।
जबकि कुल खर्चा बंद पर भी 60 से 70 हजार का है। उन्होने कहा कि सरकार कि अगर 50 फीसद दर्शकों के साथ ही सिनेमा हाल खोल दिए जाएं तो काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा बिजली के बिल भी माफ किए जाने चाहिए। सिंगल स्क्रीन से इतर मल्टी प्लेक्स की हालत और ज्यादा खराब बताई जाती है। क्योंकि यहां अधिक खर्चे होते हैं।
ओटीटी ने सिनेमाघर कारोबार को पहुंचाई चोट
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने से सिनेमाघरों का काफी नुकसान हुआ है। कोविड काल में अधिकतर नई फिल्मे ओटीटी पर ही रिलीज की जा रही हैं। कम बजट से लेकर बड़े बैनर तक की फिल्मे ओटीटी पर रिलीज हो रही हैं। हाल ही में आई सलमान खान की राधे फिल्म को भी ओटीटी पर रिलीज किया गया था।
