पीलीभीत: 28 करोड़ का चावल गायब होने के मामले में जांच के आदेश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पीलीभीत, अमृत विचार। राइस मिलों से रातों रात 28 करोड़ का सरकारी चावल (सीएमआर) गायब होने के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने पूरे मामले में तय समय सीमा के भीतर जांच करने के आदेश दिए हैं। शासन की टीम किसी भी वक्त सत्यापन के लिए पीलीभीत पहुंच …

पीलीभीत, अमृत विचार। राइस मिलों से रातों रात 28 करोड़ का सरकारी चावल (सीएमआर) गायब होने के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने पूरे मामले में तय समय सीमा के भीतर जांच करने के आदेश दिए हैं। शासन की टीम किसी भी वक्त सत्यापन के लिए पीलीभीत पहुंच कर घोटाले से संबंधित पत्रावलियां तलब कर सकती है।

अमृत विचार ने राइस मिलों से सरकार का 28 करोड़ का चावल (सीएमआर) गायब होने का खुलासा प्रमुखता से किया तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग ने जांच के आदेश दिए है। इसके बाद घोटाले में फंसे अफसरों ने खुद को बचाने के प्रयास तेज कर दिए है। जिले से लेकर मंडल के अधिकारियों ने भागदौड़ शुरू कर दी है।

वर्ष 2020-21 की धान खरीद छह माह बाद भी विवादों में बनी हुई है। जिले में दस खरीद एजेंसियों के 165 क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से अधिक धान खरीद होते ही चावल (सीएमआर) डिलीवरी पर संकट के बादल मंडराने लगे थे लेकिन जिम्मेदार अफसर बेपरवाह रहे। अफसरों ने आंख मूंद कर राइस मिलों में धान की डिलीवरी करा दी।

इधर निर्धारित समय बीतने के बाद भी चार राइस मिलों ने 93,307.83 क्विंटल सरकारी चावल (सीएमआर) एफसीआई गोदामों में नही उतारा तो चर्चा शुरू हो गई। पहले तो इस मामले को दबाने के भरपूर प्रयास किये गए लेकिन जब बात नही बनी तो खाद्य विभाग ने चारों राइस मिलों को नोटिस जारी कर दिए।

28 मई 2021 को जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय से जारी अंतिम नोटिस के मुताबिक जसवंती,जयगुरु,आरएस इंड्रस्ट्रीज और पुवायाँ की सुखवीर एग्रो पर अट्ठाईस करोड़ तेईस लाख पैंतीस हजार चार सौ सत्तानबे रुपए का सरकारी चावल बकाया है। नोटिस में 30 जून तक चावल एफसीआई में न उतारने पर राइस मिलों को विधिक व विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। बहरहाल जांच के आदेश से अफसरों में खलबली मच गई है। बड़े अधिकारी हरकत में आ गए हैं।

संबंधित समाचार