चीन में खदान में फंसे सभी 13 लोगों की मौत, छह दिन तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
बीजिंग। उत्तर चीन के शांक्सी प्रांत में लौह अयस्क की खदान में फंसे सभी 13 खनिक की मौत हो चुकी है। स्थानीय अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। 10 जून को दाइशियान काउंटी में स्थित दाहोंगकाई खदान में पानी भर गया था, वहां कुएं से खनिकों के शवों को बाहर निकाला गया। बचाव …
बीजिंग। उत्तर चीन के शांक्सी प्रांत में लौह अयस्क की खदान में फंसे सभी 13 खनिक की मौत हो चुकी है। स्थानीय अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। 10 जून को दाइशियान काउंटी में स्थित दाहोंगकाई खदान में पानी भर गया था, वहां कुएं से खनिकों के शवों को बाहर निकाला गया।
बचाव अभियान चलाने वाली एजेंसी के स्थानीय मुख्यालय के मुताबिक 1,084 कर्मियों के बचाव दल ने लगातार छह दिन तक काम किया। डीएनए की पुष्टि करने का काम भी पूरा हो चुका है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बुधवार रात को बताया कि पुलिस ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
चीन की कोयला खदानें दुनियाभर में सबसे ज्यादा जोखिमभरी मानी जाती हैं। 2009 में पूरी दुनिया में खदान संबंधी सबसे ज्यादा हादसे चीन में हुए थे जिनमें सरकारी कार्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2,631 कोयला खनिकों की मौत हो गई थी। ज्यादातर हादसे सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने के कारण होते हैं।
