हल्द्वानी: साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं तो लगाइए यह नंबर, होगी पूरी मदद
हल्द्वानी, अमृत विचार। साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो घबराइए मत क्योंकि अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी के कारण वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर 155260 जारी किया है। इसके अलावा मंत्रालय की ओर से रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म का संचालन किया गया है। जारी हुए हेल्पलाइन नंबर पर जिस किसी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो घबराइए मत क्योंकि अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी के कारण वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर 155260 जारी किया है।
इसके अलावा मंत्रालय की ओर से रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म का संचालन किया गया है। जारी हुए हेल्पलाइन नंबर पर जिस किसी के साथ भी फ्रॉड होता है, वो तुरंत पुलिस अधिकारी की तरफ से जारी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकता है। लेकिन अगर उसके साथ हुआ हादसा 24 घंटे से ज्यादा बीत गया है, को वो नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकता है। वहीं अगर फ्रॉड हुए 24 घंटे से कम समय हुआ है तो ऑपरेटर फॉर्म भरने के लिए अपराध का डिटेल और पीड़ित की निजी जानकारी मांगेगा।
बता दें इस हेल्पलाइन नंबर को 1 अप्रैल, 2021 को सॉफ्ट लॉन्च किया गया था, हेल्पलाइन नंबर 155260 और इसके रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म को गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Center) (I4C) द्वारा चालू किया गया है। फिलहाल इसे सात राज्यों और केंद्र शासित छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेशों में किया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार इस हेल्पलाइन नंबर पर 2 महीने के अंदर शिकायतों के आधार पर 1.85 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई है, जिसे लेकर साइबर फ्रॉड के बड़े गिरोहों पर से पर्दा उठा है। इसके अलावा दिल्ली और राजस्थान में जांच के दौरान कई खाते सीज किए गए और 58 लाख रुपये और 53 लाख रुपये रिकवर किए गए।
जैसे ही कोई पीड़ित अपनी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करता है, तो उसकी पूरी डीटेल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन तक पहुंच जाती हैं, यह फ्रॉड ट्रांजेक्शन टिकट जिस वित्तीय संस्थान से पैसा कटा (डेबिट हुआ) है और जिन वित्तीय संस्थान में गया (क्रेडिट हुआ) है दोनों के डैशबोर्ड पर नजर आएगा जिस बैंक/वॉलेट में टिकट दिया गया होता है उसे फ्रॉड ट्रांजेक्शन की जानकारी के लिए जांच करनी होती है इसके बाद ट्रांजेक्शन को टेम्पोरेरी ब्लॉक कर दिया जाता है।
वेबसाइट से भी करा सकते हैं शिकायत दर्ज
– आप हेल्पलाइन नंबर के अलावा वेबसाइट https://cybercrime.gov.i/ पर जाकर भी ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी शिकायत कर सकते हैं। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय ने पिछले साल साइबर पोर्टल https://cybercrime.gov.i/ प्रोजेक्ट शुरू किया था। दिल्ली को इस इंडियन साइबर क्राइम को-आर्डिनेशन प्लेटफॉर्म पर सबसे पहले जोड़ा गया था। इसके बाद राजस्थान को इसमें शामिल किया गया है।
