बरेली: छूट गई जिंदगी ना छूटी शराब, मासूम संग पिता ने अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर दे दी जान

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बरेली, अमृत विचार। गंगाशील अस्पताल में अपना इलाज करा रहे एक युवक ने शुक्रवार दोपहर अपने नौ साल के बेटे को चौथी मंजिल से फेंक दिया। इसके बाद तुरंत उसने भी छलांग लगा दी। ऊंचाई से फर्श पर गिरने से बच्चे की मौके पर और युवक की इलाज के दौरान मौत हो गयी। संजय नगर के …

बरेली, अमृत विचार। गंगाशील अस्पताल में अपना इलाज करा रहे एक युवक ने शुक्रवार दोपहर अपने नौ साल के बेटे को चौथी मंजिल से फेंक दिया। इसके बाद तुरंत उसने भी छलांग लगा दी। ऊंचाई से फर्श पर गिरने से बच्चे की मौके पर और युवक की इलाज के दौरान मौत हो गयी। संजय नगर के दीपक को 15 जून को अस्पताल में शराब छुड़ाने के लिए भर्ती कराया गया था। दीपक के बहनोई नरेश पाल ने अस्पताल प्रबंधन पर बिल चुकाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

बताया कि लॉकडाउन के चलते सारा व्यापार ठप हो गया था। ज्यादा पैसे नहीं थे। प्रतिदिन अस्पताल वाले बिल भरने का दबाव बना रहे थे। इसी टेंशन में दीपक ने बेटे को फेंक छत से कूदकर जान दे दी हैं। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताया है। अस्पताल का बिल सिर्फ 15 हजार रुपए का था। इसमें भी छह हजार रुपए जमा हो चुके थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

मृतक दीपक और दिव्यांश का फाइल फोटो। क्रमश:

संजयनगर निवासी दीपक पुत्र महेश कुमार ने खोखे में एक दुकान खोली थी। परिजनों ने बताया कि वह शराब पीने का आदी था। इस कारण उसका पत्नी से विवाद होता था। कई बार दोनों के बीच हुए झगड़े को परिजनों ने पंचायत करके निपटा दिया लेकिन दीपक ने शराब पीना नहीं छोड़ा। परिवार ने उसकी शराब की लत छुड़वाने के लिए उसे गंगाशील अस्पताल के नशा उन्मूलन केंद्र में भर्ती कराया। शुक्रवार को उसकी छुट्टी होनी थी। बातचीत करने परिवार के लोग डाक्टर के पास गए थे। वह लोग बात कर रहे थे कि दीपक ने नौ साल के बेटे दिव्यांश को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया और फिर खुद भी नीचे कूद गया। इससे अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गयी। अस्पताल में मौजूद दीपक की मां और बहन में कोहराम मच गया। पुलिस की शुरुआती जांच में आया था कि वह अपना इलाज कराना चाहता था कि परिजन उसकी छुट्टी करा रहे थे। तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाया।

जांच की जा रही है
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि गंगाशील अस्पताल में नशा छुड़वाने के लिए भर्ती होने आए युवक ने पहले अपने नौ साल के बेटे को छत से फेंका और फिर खुद कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच कर रही है कि उसने आत्मघाती कदम क्यों उठाया है।

जेवर गिरवी रखकर चुका देती बिल
युवक की मां चंद्रवती ने बताया कि उन्होंने बेटे के इलाज के लिए अस्पताल में पांच हजार रुपये जमा किए थे। शुक्रवार को वह उसकी छुट्टी कराने वाली थीं। डाक्टर से सारी बात हो गई थी। डिस्चार्ज की फाइल तैयार करने को बोल दिया था। बाकी का पैसा किसी से कर्जा लेकर या अपना जेवर गिरवी रखकर चुकाने को तैयार थीं।

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