मुख्यमंत्री ने जाना मलेरिया संवेदनशील बरेली का हाल

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बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए लिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी नितीश कुमार से बरेली जिले की स्थिति जानी। जिलाधिकारी ने बताया कि मलेरिया को लेकर जिला संवेदनशील रह चुका है। मुख्यमंत्री ने इसपर मच्छरदानी, गम्बूजिया मछली, जांच आदि की स्थिति …

बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए लिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी नितीश कुमार से बरेली जिले की स्थिति जानी। जिलाधिकारी ने बताया कि मलेरिया को लेकर जिला संवेदनशील रह चुका है।

मुख्यमंत्री ने इसपर मच्छरदानी, गम्बूजिया मछली, जांच आदि की स्थिति के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के 17 व प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के 221 मरीज निकले हैं। जिला संचारी रोग के नोडल अधिकारी डा.रंजन गौतम ने बताया कि ब्लॉकों में मच्छरदानी की स्थिति को लेकर जिला मलेरिया अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।

जिलाधिकारी ने जिले और खासकर संवेदनशील रहे आंवला इलाके में फॉगिंग और पात्रों को बांटी जाने वाली मच्छर दानी की विस्तृत जानकारी मांगी है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. देशराज सिंह ने बताया कि जिले में संचारी रोग अभियान को लेकर मलेरिया विभाग की ओर से प्रशिक्षण भी चल रहा है।

उन्होंने बताया कि प्री मानसून में भी विभाग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान के माध्यम से जागरुकता का व्यापक प्रसार किया जा रहा है। टीमें डोर टू डोर सर्वे के दौरान परिवार के सदस्यों की जांच कर फीवर, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (आइएलआइ), टीबी से ग्रसित रोगी और कुपोषित बच्चों का डेटा विभाग को फौरन उपलब्ध कराएंगी। इन लोगों को परामर्श के साथ इलाज और दवाएं मुहैया कराई जा सकें।

2018-19 में प्रदेश में सबसे ज्यादा थे मामले
कोरोना के चलते पिछले दो वर्षों से संचारी रोग अभियान ठीक प्रकार से नहीं चल पा रहा था। बीते 2018-19 में मलेरिया और डेंगू के केस में बरेली प्रदेश में सबसे अधिक रहे हैं। हालांकि प्रदेश में सबसे अधिक जांचे भी बरेली में ही हुई थी। उस दौरान सबसे अधिक केस आंवला, मझगवां, रामनगर और भमौरा ब्लॉक में मिले थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके गर्ग ने बताया कि एक जुलाई से संचारी और 12 जुलाई से दस्तक अभियान चलाया जाएगा।

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