लखीमपुर-खीरी: पलिया में पहुंचा शारदा का पानी, मोहल्ला ढाकिन जलमग्न
पलियाकलां-खीरी/लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में लगातार छोड़े जा रहे पानी से उफनाई शारदा नदी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन, चीनी मिल सहित करीब 20 ग्रामों में बाढ़ का पानी घुस गया। पलिया से लखीमपुर जाने वाले मार्ग सहित कई गांवों के …
पलियाकलां-खीरी/लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में लगातार छोड़े जा रहे पानी से उफनाई शारदा नदी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन, चीनी मिल सहित करीब 20 ग्रामों में बाढ़ का पानी घुस गया। पलिया से लखीमपुर जाने वाले मार्ग सहित कई गांवों के रास्तों पर एवं घरों में पानी भर जाने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त -व्यस्त हो गया है।
बाढ़ की विभीषिका से आशंकित लोगों ने अपना सामान छतों, बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर ट्रालियों के ऊपर रख लिया है, वहीं अनेक लोगों ने ऊंचे स्थानों एवं सड़क के किनारे भी पहुंचा दिया है। लोगों के घरों में खाना बनाने तक की सूखी जगह नहीं बची है । अनाज, बिस्तर सहित सारा सामान भीग गया है। लोग छतों और ट्रैक्टर ट्रालियों पर खाना बना रहे हैं।

पलिया के मोहल्ला ढाकिन,चीनी मिल कॉलोनी के लोगों की सुबह आंख खुली तो देखा कि 6 किलोमीटर दूर बहने वाली शारदा नदी का पानी उनके घरों के आंगन और दरवाजों पर बह रहा है। बाहर निकले तो पलिया- लखीमपुर मार्ग पर एक से दो फीट तक तेज रफ्तार पानी चलते देखकर वे सकते में आ गए और 2008 की बाढ़ की विभीषिका याद कर सिहर उठे। उधर शारदा नदी के निकटवर्ती ग्राम श्रीनगर, मेला घाट, आजाद नगर,बर्वाद नगर ,खैरहना, मरौचा, नगला मटहिया ,कंचनपुर, इमिलिया फार्म, कुंवरपुर कलां, दुबहा,ढखिया, खाले पुरवा, कचनारा ,दौलतापुर ,जंगल नंबर आठ आदि ग्रामों के घरों में पानी भर गया है।

लोगों ने छतों पर और ट्रैक्टर की ट्रालियों के ऊपर खाना बनाया। भीगे अनाज व बिस्तरों सहित बच्चों की कॉपी किताबों, बैंक पासबुकों, राशन कार्ड आदि सामान को सुखाया । बोझवा के निकट रेल लाइन के किनारे बनवाई गईं कई ठोकरें जलमग्न हो गई हैं। कई ग्रामों को जाने वाले रास्तों पर अधिक पानी होने से लोग आ-जा नहीं पा रहे हैं।
भीरा-पलिया हाईवे पर रपटा पुल पर लगभग दो फुट तक पानी चलने से यातायात में दिक्कत पैदा होने के साथ हल्के वाहन चलाने वाले अपनी जान जोखिम में डाल निकलने पर विवश हो रहे हैं। इसी के साथ शारदा नदी का पानी उफान मारता हुआ मरहिया नाले में आने से गन्ने की फसलें पूरी तरह जलमग्न होने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई है।
