बरेली: संक्रमित भर्ती नहीं हुए लेकिन जारी कर दी गई वेलकम किटें
बरेली, अमृत विचार। संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद 300 बेड अस्पताल में एक बार फिर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। इस बार अस्पताल कर्मियों ने करीब 15 दिनों में सैंकड़ों वेलकम किटें वितरित कर दी। मामला प्रकाश में आने पर अस्पताल प्रशासन में खलबली मची है। वहीं, पूरे मामले की सीएमओ ने …
बरेली, अमृत विचार। संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद 300 बेड अस्पताल में एक बार फिर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। इस बार अस्पताल कर्मियों ने करीब 15 दिनों में सैंकड़ों वेलकम किटें वितरित कर दी। मामला प्रकाश में आने पर अस्पताल प्रशासन में खलबली मची है। वहीं, पूरे मामले की सीएमओ ने जिम्मेदारों से प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ने के बाद कोविड चिकित्सालय में 15 अप्रैल से 30 मई तक करीब साढ़े पांच सौ संक्रमित भर्ती हुए। उन्हें वितरित करने के लिए पांच सौ वेलकम किट की आपूर्ति हुई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार किटों में टूथब्रश, टूथ पेस्ट, कपड़े धोने और नहाने का साबुन, डस्टर आदि सामान शामिल होते हैं। करीब डेढ़ माह तक कोविड के हावी रहने के दौरान विभागीय रिपोर्ट में सिर्फ 100 किट ही वितरित किए जाने का रिकॉर्ड है।
इसके अतिरिक्त पांच जून से कोविड अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं है।अस्पताल खाली है। बावजूद इसके सौ वेलकम किट वितरण के लिए दे दी गईं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूरा मामला सामने तब आया जब 10-12 दिन पहले पुराने प्रभारी के स्थान पर नए कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंपी। बताते हैं कि पुराना रिकॉर्ड मांगा तो बड़ी तादाद में वेलकम किटें गायब मिली। मौके पर डिटर्जेंट, कुछ गिने चुने साबुन ही मिले। किट का पूरा रिकॉर्ड नही मिलने पर नए कर्मचारी ने चार्ज लेने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ा तो प्रकरण सीएमओ कार्यालय तक पहुंचा। सीएमओ ने सीएमएस से प्रकरण की जांच कर जानकारी मांगी है।
आईसीयू बंद, खर्च हुआ 1 क्विंटल डिर्जेंट
बीते सात जून को 100 किलो यानी एक क्विंटल डिर्जेंट इमरजेंसी के पास बनी फार्मेसी के लिए जारी किया गया। जबकि बीते एक सप्ताह से आईसीयू के दरवाजों पर ताला डाल दिया गया है। ऐसे में इतनी अधिक संख्या में सर्फ का इस्तेमाल करना बेहद संदिग्ध लगता है। अस्पताल में तैनात सफाई कर्मचारियों से बातचीत के दौरान पता लगा कि आईसीयू में तो सर्फ से धुलाई होती ही नहीं है, आईसीय परिसर में फिनाइल आदि से पोछा लगाया जाता है। कुछ रजिस्टर, मार्कर, आदि चीजें भी मौके से गायब मिली है।
