बरेली: फैसिलिटेशन काउंसिल में केस दर्ज कराने का शुल्क निर्धारित

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बरेली, अमृत विचार। आयुक्त सभागार में मंगलवार को मंडलीय फैसीलिटेशन काउंसिल की प्रथम बैठक करायी गयी। जिसमें मंडलायुक्त आर रमेश कुमार की अध्यक्षता में फैसीलिटेशन काउंसिल में केस फाइल करने के संबंध में श्रेणीवार शुल्क निर्धारण पर चर्चा की गयी। चर्चा के बाद शुल्क लेने पर सहमति बनी। जिसमें पांच लाख के केस तक तीन …

बरेली, अमृत विचार। आयुक्त सभागार में मंगलवार को मंडलीय फैसीलिटेशन काउंसिल की प्रथम बैठक करायी गयी। जिसमें मंडलायुक्त आर रमेश कुमार की अध्यक्षता में फैसीलिटेशन काउंसिल में केस फाइल करने के संबंध में श्रेणीवार शुल्क निर्धारण पर चर्चा की गयी। चर्चा के बाद शुल्क लेने पर सहमति बनी।

जिसमें पांच लाख के केस तक तीन हजार रुपए, 5.10 लाख के केस में पांच हजार रुपए, 10.50 लाख तक के केस में 10 हजार रुपए, 50.100 लाख तक के केस में 15 हजार, 1 करोड़ से 5 करोड़ तक के केस में 25 हजार एवं 5 करोड़ से अधिक के केस में 50 हजार शुल्क निर्धारण किया गया है। शुल्क जमा करने के लिए फैसीलिटेशन काउंसिल बरेली के नाम से खाता खोला जाएगा। जिसका संचालन काउंसिल के अध्यक्ष एवं सचिव करेंगे।

बैठक में बताया गया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन प्राप्त सभी आवेदनों का परीक्षण काउंसिल करेगी। प्रपत्र देखने के बाद कमियों के संदर्भ में आवेदक को ई-मेल से अवगत कराया जाएगा। कांउसिल में प्राप्त आवेदन पत्रों को सर्वप्रथम क्रेता व विक्रेता को आपसी सुलह से निस्तारण कराने के लिये काउंसिल अनुरोध करेगी। आपसी सुलह न होने की स्थिति में केस काउंसिल में पैरवी के लिए रखे जाएंगे। पूर्व काउंसिल के निर्णयों और कार्यवाहियों में अधिनियम के प्रावधानों के अनुरुप करने के लिए एक विशेषज्ञ चार्टर्ड एकाउन्टेंट को अधिकृत किया जायेगा जो प्राप्त आवेदन का परीक्षण कर काउंसिल में उसकी पैरवी के लिए रखेंगे।

संयुक्त आयुक्त उद्योग ने बताया कि सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (एमएसएमईडी) अधिनियम में विक्रय किये उत्पाद व माल या सेवा पर क्रेता से भुगतान को लेकर दिक्कतें होने पर ही मामला काउंसिल के पास जाता है। क्रेता एवं विक्रेता के मध्य होने वाले विवादों को निपटाने के लिये मंडल स्तर पर फैसीलिटेशन काउसिंल का गठन किया गया है। फैसीलिटेशन काउंसिल ऐसे मामलों के समाधान के लिए मध्यस्थता एवं सुलह कराती है और पक्षकारों के बीच सुलह न होने की स्थिति में आदेश निर्गत करने के लिए अधिकृत हैं।

प्रदेश में केवल एक मात्र फैसिलिटेशन काउसिंल कानपुर में कार्यरत होने से एमएसएमई इकाईयों को भुगतान संबंधी समस्याओं के निराकरण नहीं हो पा रहे थे। तब मंडलायुक्त की अध्यक्षता में फैसीलिटेशन काउंसिल का गठन किया गया है। बैठक में ऋ षि रंजन गोयल संयुक्त आयुक्त उद्योग, एमएम प्रसाद अग्रणी जिला प्रबन्धक बैंक ऑफ बड़ौदा, एसके सिंह अध्यक्ष लघु उद्योग भारती, दिनेश गोयल नामित सदस्य आईआईए उपस्थित रहें।

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