लखीमपुर-खीरी: रमेश हत्याकांड में तीन दिन बाद किया अंतिम संस्कार
मैगलगंज/लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पिटाई में गम्भीर चोट लगने से घायल मनोरोगी अधेड़ की उपचार के दौरान मौत के तीसरे दिन बाद पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजनों ने शव की अंत्येष्टि कर दी। परिजनों ने रिपोर्ट हत्या में तरमीम किये जाने की मांग रहे थे। इसके बाद सीओ मितौली के आदेश पर पुलिस ने …
मैगलगंज/लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पिटाई में गम्भीर चोट लगने से घायल मनोरोगी अधेड़ की उपचार के दौरान मौत के तीसरे दिन बाद पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजनों ने शव की अंत्येष्टि कर दी। परिजनों ने रिपोर्ट हत्या में तरमीम किये जाने की मांग रहे थे। इसके बाद सीओ मितौली के आदेश पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या को हत्या में तरमीम कर दिया। अब परिजन पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है और पांचवें की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
मैगलगंज कस्बे के यादव मोहल्ला में 21 जून की दोपहर हर्षम यादव पुत्र अजय यादव व रमेश अर्कवंशी के बीच मामूली कहासुनी हो गई थी। इसके बाद हर्षम यादव व चार अन्य लोगों ने मिलकर रमेश अर्कवंशी को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। उसका सिर फोड़ दिया था। सिर में गंभीर चोट लगने से अस्पताल ले जाते समय रमेश की देर शाम मौत हो गई थी। परिजनों ने हर्षम, कैलाश, मोटे, गुड्डू व कल्लू पर पीटकर घायल किये जाने के बाद मौत होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी।
पुलिस ने रात में ही पांचों आरोपियों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। मंगलवार शाम को पोस्टमार्टम होकर शव आया तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों की मांग थी कि पुलिस पांचों आरोपियों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज करे। पुलिस के समझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दें, सीओ मितौली संदीप सिंह के आदेश पर पुलिस ने परिजनों से दूसरी तहरीर लेकर रिपोर्ट हत्या में तरमीम कर ली। इसके बाद परिजनों ने आश्वासन दिया था कि सुबह होते ही वे शव की अंत्येष्टि कर देंगे। लेकिन बुधवार सुबह परिजनों ने पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव की अंत्येष्टि करने से मना कर दिया था। हालांकि पुलिस ने दो दिन में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद कुछ लोग मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कह लखनऊ रवाना हो गए। घर में केवल औरतें रह गईं। दो दिन से सीओ मितौली समेत तमाम पुलिस फोर्स मृतक के घर के बाहर मौजूद है लेकिन परिजन शव की अंत्येष्टि करने पर तैयार नहीं थे।
इंस्पेक्टर चन्द्रकान्त सिंह ने कहा कि परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट हत्या की धारा में तरमीम की है। परिजनों द्वारा एफआईआर से एक नाम हटाकर दूसरा नाम बढ़ाने के लिए कहा गया। यह बात भी मान ली गई। पांच में से चार आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। समझाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
