बरेली: स्मार्ट सिटी के काम मंजूर लेकिन करोड़ों के टेंडर होने अभी बाकी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हो रहे नए कार्यों की बोर्ड से मंजूरी मिलने के बावजूद उन्हें शुरू करने में देरी हो रही है। ऐसे में उनके निर्माण कार्य प्रारंभ करने में विलंब हो रहा है। जबकि स्मार्ट सिटी के तहत कुछ दिन पहले ही कई महत्वपूर्ण कामों को शुरू करने की …

बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हो रहे नए कार्यों की बोर्ड से मंजूरी मिलने के बावजूद उन्हें शुरू करने में देरी हो रही है। ऐसे में उनके निर्माण कार्य प्रारंभ करने में विलंब हो रहा है। जबकि स्मार्ट सिटी के तहत कुछ दिन पहले ही कई महत्वपूर्ण कामों को शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। जबकि स्मार्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड से मंजूरी के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारी चल रही है।

शहर में स्मार्ट सिटी के कामों को आगे बढ़ाने के लिए 16 जून को स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शुरू करने के निर्देश अफसरों को दिए गए थे। बैठक में जिन कार्यों का टेंडर करने के लिए हरी झंडी दी गई थी, उनमें पटेल चौक पर स्काई वॉक का निर्माण प्रमुख है। जिसकी लागत करीब 10 करोड़ की आएगी। यह अपने आप में एक अनूठा कार्य होगा। वहां करीब तीन मीटर ऊंचा मार्ग बनाया जाएगा।

इसके अलावा मेथोडिस्ट चर्च, नगर निगम एवं कोतवाली की इमारतों पर फसाड लाइट लगाने पर भी निदेशक मंडल ने सहमति दी। फसाड लाइट लगने से शाम को इन इमारतों की ख़ूबसूरती निखर जाएगी। इसके टेंडर की प्रक्रिया तत्काल शुरु की जाएगी। इसके साथ ही सुभाष नगर पुलिया पर रेलवे ओवर ब्रिज के लिए भी टेंडर करने पर सहमति व्यक्त की गई। सुभाषनगर पुलिया में होने वाले जलभराव को देखते हुए यह भी शहर का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इस ओवरब्रिज के निर्माण के लिए रेलवे की तरफ इस पुल के लिए 81.36 लाख की मांग बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी से की थी।

अपने हिस्से का 125 मीटर लंबे पुल का निर्माण रेलवे को कर पिछले दिनों स्मार्ट सिटी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में सुभाषनगर फ्लाईओवर को मंजूरी मिली थी। 90 करोड़ में सात सौ मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण होना है। पुल निर्माण में रेलवे को पुलिया के ऊपर बनना है। इसके अलावा कई और भी काम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत होने हैं लेकिन इसके टेंडर कराने में देरी से उनका निर्माण कार्य नहीं शुरू हो पा रहा है। इस वजह से स्मार्ट सिटी के कामों में विलंब हो रहा है।

स्मार्ट सिटी से कराए गए कामों पर नहीं लगाए गए बोर्ड
स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में मंडलायुक्त आर. रमेश कुमार ने कहा था कि शहर में जहां भी स्मार्ट सिटी के कार्य चल रहे हैं, वहां पर एक बोर्ड लगाया जाए, जिस पर कार्य का विवरण अंकित होना चाहिए कि कार्य कब पूरा होगा, कब शुरू हुआ कौन ठेकेदार करा रहा है। उनका कहना था कि निर्माणाधीन कार्यों के बारे में विवरण पट्टिका लग जाने से यह ज्ञात होता रहेगा कि कहां पर काम हो रहा है।

वहां के लोग इससे अनभिज्ञ नहीं रहेंगे कि उनके क्षेत्र में स्मार्ट सिटी का क्या कार्य हो रहा है। कार्यदायी संस्थाएं यह ध्यान रखें कि स्मार्ट सिटी के कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि सभी कार्यों के लिए नियमित रूप से बैठकें आयोजित कर शेष कार्यों को जल्दी ही पूरा करने के प्रयास किए जाएं। इसके बावजूद इसका अनुपालन करने में देरी की जा रही है।

नियमित समीक्षा होगी
मेयर उमेश गौतम ने बताया कि स्मार्ट सिटी के काफी काम सितंबर तक पूरे कराने है। इसके लिए नियमित समीक्षा होगी। अब स्मार्ट सिटी के कामों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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