बरेली: घनी आबादी में छतों पर हाईटेंशन, चूकते ही लपक लेती है मौत

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बरेली, अमृत विचार। शहर की कई घनी आबादी क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइन और बिजली के तार में करंट दौड़ता रहता है। जरा सी चूक से लोगों की जान चली जाती है। कई जगह पर विद्युत निगम की उदासीनता के चलते लोगों की जान जा चुकी है। मगर अधिकारी उसके बाद भी लाइन को शिफ्ट करने …

बरेली, अमृत विचार। शहर की कई घनी आबादी क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइन और बिजली के तार में करंट दौड़ता रहता है। जरा सी चूक से लोगों की जान चली जाती है। कई जगह पर विद्युत निगम की उदासीनता के चलते लोगों की जान जा चुकी है। मगर अधिकारी उसके बाद भी लाइन को शिफ्ट करने का खाका तैयार नहीं कर रहे हैं।

जोगीनवादा और दुर्गा नगर में ही 13 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। इससे लोगों का बिजली निगम के प्रति आक्रोश है। दूसरी तरफ विद्युत विभाग का कहना है कि लगातार हादसे होने के बावजूद लोग निर्माण भी कर रहे हैं। कई बार इमारत बनाने के दौरान भी हादसे हो चुके हैं।

हाईटेंशन बिजली के तार लोगों की मुसीबत की बड़ी वजह बने हुए हैं। जिन लोगों के मकान इसके नीचे बने हुए हैं उन्हें हर वक्त हादसे का डर सताता रहता है। दिन हो या रात वह एक अजीब से खौफ में रहते हैं। जब कोई हदसा हो जाता है तो यह डर और बढ़ जाता है। नवादा शेखान में हुई घटना के बाद आसपास के लोगों के माथे पर इन तारों को लेकर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

वैसे इन गंभीर मामलों में कई लोगों ने शिकायतें भी कीं लेकिन नतीजा सिफर रहा। शहर के नवादा शेखान, जोदी नवादा, दुर्गा नगर, किला, कटघर, सीबीगंज, राजनगर, जगतपुर समेत शहर की कई घनी कॉलोनियों में लोगों के मकान के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइन से हमेशा हादसे का डर बना रहता है। आसपास के लोगों का कहना है कि नवादा शेखान के हादसे हों या फिर गौटिया के लोगों को इन तारों से हमेशा नुकसान ही होता रहा है।

महापौर को लिखा पत्र
करंट लगने की वजह से पहले भी एक महिला की मौत हो चुकी है। जिसको लेकर उन्होंने महापौर उमेश गौतम को एक पत्र लिखकर लाइन हटाने के लिए कहा था लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। लगातार हो रहे हादसे के बाद भी विद्युत निगम के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। -हरि ओम कश्यप,पार्षद

हादसे का डर
घरों के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइन की वजह से हमेशा हादसे का डर बना रहता है। मगर उसके बाद भी कई बार शिकायत करने के बाद अधिकारी लाइन को शिफ्ट नहीं करा रहे हैं। -विक्रांत यादव, नवादा शेखान

अधिकारियों से लगाई गुहार
छत पर जब बच्चे खेलने के लिए जाते है तो हमेशा हादसे का डर बना रहता है। कई बार करंट की चपेट में आकर लोगों की जान जा चुकी है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से गुहार लगा चुके हैं। मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। -राकेश, स्थानीय निवासी

केस एक
25 जनवरी 2020 को शहर के नवादा शेखान निवासी 25 वर्षीय प्रियंका छत पर गीले कपड़े सुखाने गई तो उसने जैसे ही कपड़े रस्सी पर सुखाने के लिए डाले तो कपड़े एचटी लाइन से टच हो गए, जिससे प्रियंका करंट की चपेट में आ गई और चंद मिनटों में प्रियंका ने दम तोड़ दिया था। परिजनों ने हंगामा कर विद्युत निगम पर लापरवाही के आरोप भी लगाए थे।

केस दो
3 फरवरी 2020 को शहर के मोहल्ला जखीरा निवासी कक्षा 6 की छात्रा मनतशा छत पर खेल रही थी, इस दौरान उसका दुपट्टा छत के पास गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टच हो गया और वह करंट की चपेट में आ गई थी। चीख पुकार सुनकर जैसे ही परिजन मौके पर पहुंचे तब तक छात्रा की सांसे थम चुकी थी। परिजनों ने जन प्रतिनिधियों समेत उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की थी लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

अनधिकृत रूप से बनाते मकान
उपखंड अधिकारी आर जे वर्मा ने बताया कि लाइनों के नीचे लोग अनधिकृत रूप से मकान बनाते हैं। लाइन से मानक के अनुसार दूरी बनाकर ही निर्माण करना चाहिए। इसके नीचे कोई पशु रखना या मकान बनाना इसकी वजह से कई बार घटनाएं सुनने में आती हैं। अगर कोई निर्माण करना है तो एक आवेदन करना चाहिए। जिसके बाद लाइन शिफ्टिंग की जाती है। जिससे लोग स्वयं भी सुरक्षित रह सकते हैं। उनके क्षेत्र में आज कल में ऐसी कोई घटना की सूचना नहीं है जिसमें किसी जनहानि की सूचना हो।

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