काशीपुर: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को देना ही होगा इस्तीफा- मुक्ता
काशीपुर, अमृत विचार। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व मेयर प्रत्याशी मुक्ता सिंह ने कहा है कि भाजपा कितनी भी दलीलें क्यों न पेश करे, लेकिन उत्तराखंड में उसके दूसरे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को इस्तीफा देना ही होगा। वजह है, उनका विधानसभा का सदस्य न होना और विधानसभा चुनाव होने में एक साल से कम …
काशीपुर, अमृत विचार। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व मेयर प्रत्याशी मुक्ता सिंह ने कहा है कि भाजपा कितनी भी दलीलें क्यों न पेश करे, लेकिन उत्तराखंड में उसके दूसरे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को इस्तीफा देना ही होगा। वजह है, उनका विधानसभा का सदस्य न होना और विधानसभा चुनाव होने में एक साल से कम समय का होना।
पूर्व मेयर प्रत्याशी मुक्ता सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुच्छेद 151ए के तहत ऐसे राज्य में जहां चुनाव होने में एक साल का वक्त बचा हो और उपचुनाव के लिए रिक्त हुई सीट अगर एक साल से कम समय में रिक्त हुई है, तो चुनाव नहीं होगा। लिहाजा, उत्तराखंड में अभी मौजूदा वक्त में दो विधानसभा सीट रिक्त हैं।
पहली गंगोत्री सीट जो कि अप्रैल में गोपाल सिंह रावत के निधन की वजह से रिक्त हुई और दूसरी सीट हल्द्वानी, जो इसी माह कांग्रेस की कद्दावर नेता इंदिरा हृदयेश के निधन की वजह से खाली हुई हैं। मौजूदा नियम के मुताबिक दोनों सीट उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में एक साल से कम समय होने के बाद रिक्त हुई हैं, लिहाजा इन पर चुनाव नहीं हो सकता।
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि तीरथ सिंह रावत को इस्तीफा देना ही पड़ेगा, क्योंकि 9 अक्टूबर 2018 को चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा था कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुच्छेद 151ए के मुताबिक एक साल से कम समय में रिक्त हुई कोई भी सीट पर उपचुनाव नहीं हो सकता है। लिहाजा अगर इस नियम को माना जाए तो अब उत्तराखंड में कोई भी उपचुनाव नहीं होगा। ऐसे में बगैर विधानसभा सदस्य बने 6 माह से ज्यादा कोई मुख्यमंत्री नहीं रह सकता।
