बाराबंकी: सपा ने नेहा सिंह आनन्द को बनाया जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी, कई नेताओं को किया किनारे
बाराबंकी। दशकों से पार्टी में रहकर ईमानदारी से सेवा करके वाले वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व सांसद रामसागर रावत को किनारे कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक पखवारा पूर्व सपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले जिला पंचायत सदस्य कुमारी नेहा सिंह आनन्द को जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी के रुप में टिकट दिया है। …
बाराबंकी। दशकों से पार्टी में रहकर ईमानदारी से सेवा करके वाले वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व सांसद रामसागर रावत को किनारे कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक पखवारा पूर्व सपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले जिला पंचायत सदस्य कुमारी नेहा सिंह आनन्द को जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी के रुप में टिकट दिया है। पूर्व सांसद के अलावा टिकट की लाइन में कई पुराने सपाई भी लगे हुए थे।
लेकिन पार्टी ने इन लोगों पर भरोसा नहीं किया।
आगामी 3 जुलाई को होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिये समाजवादी पार्टी ने नेहा सिंह आनन्द को टिकट चुनाव मैदान में उतार दिया है। टिकट की आस में सपा के पूर्व सांसद रामसागर रावत ने पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था और भारी मतों से चुनाव भी जीता था। चुनाव लड़ते समय सपा के वरिष्ठ नेता रामसागर रावत ने यह दावा किया था कि वरिष्ठ नेताओं के कहने पर ही मैं जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहा हूं पार्टी ने मुझे जिला पंचायत अध्यक्ष के लिये चुनाव लड़ने को कहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सम्पन्न हुआ और उसके बाद से पूर्व सांसद रामसागर रावत अपने सहयोगियों के साथ प्रचार भी शुरु कर दिया था और नवनिर्वाचित सदस्यों से मिल करके सहयोग भी मांगने का काम शुरु किया था। लेकिन जब एक पखवारा पूर्व जिला पंचायत सदस्य नेहा सिंह आनन्द ने पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप के आवास पर जाकर दस्तक दी और सपा की सदस्यता ग्रहण की। उसके बाद से यह कयास लगाये जाने लगे थे कि कहीं न कहीं दाल में काला जरुर कुछ है।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा भी हुई थी यहां तक की भाजपा ने अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था। लेकिन समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते नही खोले थे। नामांकन के एक दिन पूर्व शुक्रवार की दोपहर को सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने बाराबंकी से जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के प्रत्याशी के रुप में नेहा सिंह आनन्द के नाम की घोषणा की। सबसे बड़ी बात यह है कि समाजवादी पार्टी के जिले के वरिष्ठ नेताओं में ही एकजुटता नही है।
कहने को तो समय समय पर जिले के सभी बड़े नेता एकजुट होने पर दिखावा तो करते हैं लेकिन हकीकत में यह एकजुटता कोषो दूर है। जो पार्टी के कार्यकर्ताओं को तो नुकसान पहुंचा ही रही है साथ ही में पार्टी को भी कमजोर कर रही है। वैसे सपा प्रत्याशी नेहा सिंह आनन्द का दावा है कि पार्टी ने मुझको टिकट देकर मुझ पर भरोसा जताया है मैं उनके भरोसे पर खरी उतरने का प्रयास करुंगी
